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बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 पर कार्यशाला आयोजित, लोगों को दिलाई गई शपथ l

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भगवानपुर। आज दिनांक 10 मार्च 2026 को बाल विकास अधिकारी भगवानपुर के आदेशानुसार ग्राम बंदर जूड़ एवं मुजाहिदपुर सती वाला आंगनबाड़ी केन्द्रों में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के संबंध में एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों तथा इसके कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक करना था।

बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 पर कार्यशाला आयोजित

कार्यक्रम में बाल विकास परियोजना अधिकारी एवं बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी भगवानपुर, नवीन जन कल्याण संस्थान के सचिव नवीन चंद्र कुरील तथा ग्राम प्रधान प्रतिनिधि फरीद जी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। वक्ताओं ने बताया कि बाल विवाह समाज के लिए एक गंभीर सामाजिक समस्या है और इसे रोकना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 पर कार्यशाला आयोजित

इस अवसर पर नवीन चंद्र कुरील ने कहा कि बाल विवाह करना और करवाना दोनों ही कानूनन दण्डनीय अपराध हैं। उन्होंने बताया कि विवाह के लिए लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष तथा लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष निर्धारित की गई है। यदि इससे कम आयु में विवाह कराया जाता है तो विवाह के आयोजक, अभिभावक तथा विवाह संपन्न कराने वाले व्यक्ति को दो वर्ष तक का कारावास, एक लाख रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों दंड दिए जाने का प्रावधान है।

बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 पर कार्यशाला आयोजित

कार्यक्रम में बाल विकास परियोजना अधिकारी / बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी भगवानपुर ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में बाल विवाह को अनुमति नहीं दी जा सकती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिले तो तत्काल प्रशासन को सूचित करें, ताकि समय रहते इसे रोका जा सके।

बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 पर कार्यशाला आयोजित

ग्राम प्रधान प्रतिनिधि फरीद जी ने भी अपने संबोधन में कहा कि समाज में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने में सहयोग करे। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में बाल विवाह करने वालों को क्षमा नहीं किया जा सकता।

बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 पर कार्यशाला आयोजित

कार्यक्रम के अंत में नवीन जन कल्याण संस्थान के सचिव नवीन चंद्र कुरील द्वारा उपस्थित लोगों को बाल विवाह रोकने के लिए शपथ दिलाई गई और सभी से यह संकल्प लेने का आह्वान किया गया कि वे अपने क्षेत्र में बाल विवाह नहीं होने देंगे।

इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकत्री रेखा, सीमा सहित अन्य आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां एवं सहायिकाएं, किशोरियां तथा क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति मंशूर अली, अरविंद कुमार और इशरत सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे।

बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 पर कार्यशाला आयोजित

कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित लोगों को उत्तराखण्ड सरकार के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रकाशित पुस्तक “जन सेवा संकल्प हमारा” तथा कैलेंडर भी वितरित किए गए।

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