उत्तराखंडदेहरादूनहरिद्वार
Trending

मिशन 2027 की तैयारी: अमित शाह की हरिद्वार रैली से भाजपा ने भरी चुनावी हुंकार l

भारत न्यूज़ लाइव

हरिद्वार l भारतीय जनता पार्टी ने उत्तराखंड में चुनावी मोड में प्रवेश करते हुए हरिद्वार से मिशन 2027 का शंखनाद कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की जनसभा के लिए हरिद्वार को चुनने के पीछे रणनीतिक कारण भी बताए जा रहे हैं। इस जिले में पिछले चुनावों में कांग्रेस और बसपा को लगातार सफलता मिलती रही है। ऐसे में भाजपा यहां से चुनावी अभियान की शुरुआत कर मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल करना चाहती है।

लगातार नौ वर्षों से प्रदेश की सत्ता संभाल रही भाजपा तीसरी बार सरकार बनाने के लक्ष्य को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। दो कार्यकाल पूरे होने के बाद संभावित सत्ता विरोधी माहौल को देखते हुए भाजपा ने पहले से ही अपनी रणनीति तैयार कर ली है। इसी क्रम में 7 मार्च को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की बड़ी जनसभा के साथ चुनावी अभियान की शुरुआत की गई।

यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार अपने चार वर्ष पूरे होने का जश्न मना रही है। जनसभा में केंद्र सरकार के तीन नए कानूनों की जानकारी जनता को दी जाएगी। साथ ही राज्य सरकार द्वारा लागू किए गए समान नागरिक संहिता (यूसीसी), सख्त धर्मांतरण कानून, नकलरोधी कानून, अल्पसंख्यक सुरक्षा और दंगारोधी कानून जैसे फैसलों को भी जनता के बीच प्रमुखता से रखा जाएगा। भाजपा का उद्देश्य यह संदेश देना है कि डबल इंजन की सरकार के सामने चुनौतियां छोटी साबित होती हैं।

हरिद्वार से शंखनाद के तीन प्रमुख कारण

2022 की कसक: पिछले विधानसभा चुनाव में हरिद्वार जिले की 11 सीटों में से भाजपा को केवल तीन सीटें—हरिद्वार, भेल रानीपुर और रुड़की—पर ही जीत मिली थी, जबकि अन्य सीटें कांग्रेस, बसपा और निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में गई थीं। अमित शाह का यह दौरा कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने और इस क्षेत्र में पार्टी की स्थिति मजबूत करने की कोशिश माना जा रहा है।

हिंदुत्व का केंद्र: हरिद्वार धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां से दिया गया राजनीतिक संदेश पूरे प्रदेश और देश की धार्मिक-सांस्कृतिक चेतना पर प्रभाव डालता है।

मैदानी समीकरण: उत्तराखंड की सत्ता का रास्ता हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जैसे मैदानी जिलों से होकर गुजरता है। इन क्षेत्रों में विपक्षी दलों को अक्सर अच्छी सफलता मिलती रही है, इसलिए भाजपा के लिए यहां अपनी पकड़ मजबूत करना बेहद महत्वपूर्ण है।

अमित शाह की जनसभा के बाद एक निजी होटल में भाजपा की टोली बैठक भी प्रस्तावित है। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के अनुसार इस बैठक में पार्टी के कोर ग्रुप के 14 सदस्य शामिल होंगे। इनमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, महामंत्री संगठन अजय कुमार, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, पांच लोकसभा और दो राज्यसभा सांसद, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज और धन सिंह रावत के अलावा अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे।

बैठक में प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत, कुंदन परिहार और तरुण बंसल के साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और तीरथ सिंह रावत भी शामिल होंगे। इसके अलावा कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, रेखा आर्य, गणेश जोशी और सौरभ बहुगुणा भी बैठक में भाग लेंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक में अमित शाह पार्टी को लगातार तीसरी बार जीत दिलाने की रणनीति और संगठनात्मक दिशा पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन देंगे।

Read Also : http://7 मार्च को अमित शाह का दौरा, सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बैरागी कैंप में तैयारियों का लिया जायजा

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *