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भगवानपुर/हरिद्वार। ट्रेड यूनियन को-ऑर्डिनेशन सेंटर (TUCC) के बैनर तले उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष नवीन चन्द्र कुरील के नेतृत्व में मजदूरों ने उप जिलाधिकारी भगवानपुर, हरिद्वार कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान TUCC की केंद्रीय सचिव सुषमा कुरील भी मौजूद रहीं। प्रदर्शन के बाद मजदूरों की विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रधानमंत्री तथा उत्तराखण्ड सरकार के मुख्यमंत्री को संबोधित 25 सूत्रीय मांग पत्र उप जिलाधिकारी को सौंपा गया।

प्रदेश अध्यक्ष नवीन चन्द्र कुरील ने कहा कि प्रदेश की फैक्ट्रियों में कार्यरत अधिकांश मजदूरों को वर्षों से न्यूनतम वेतन नहीं मिल रहा है। मजदूर समय-समय पर अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन करते हैं, लेकिन कई बार विरोध करने वाले मजदूरों को फैक्ट्रियों से बाहर कर दिया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मजदूरों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले तथा उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत निर्माण मजदूरों को भी योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। वहीं कई मामलों में मृतक मजदूरों के नाम पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पंजीकरण कराकर लाखों रुपये की सहायता राशि निकाल ली गई, जबकि वास्तविक मजदूरों का भुगतान अभी भी लंबित है।

केंद्रीय सचिव सुषमा कुरील ने कहा कि श्रमिकों का किसी भी प्रकार का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मजदूरों को न्यूनतम वेतन, सामाजिक सुरक्षा और सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिलना चाहिए।
मजदूरों ने मांग की कि ESIC और EPFO के कवरेज की वेतन सीमा क्रमशः ₹35,000 और ₹30,000 की जाए। आशा, आंगनवाड़ी और मिड-डे मील वर्कर्स का मानदेय राज्य के न्यूनतम वेतन के बराबर किया जाए तथा उन्हें ESIC और EPFO की सुविधाएं दी जाएं। साथ ही उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत निर्माण मजदूरों को भी इन योजनाओं के दायरे में लाने की मांग की गई।

मांग पत्र में गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में शामिल करने, मनरेगा श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन घोषित करने, वर्ष 2018 से 2026 तक लंबित शिक्षा, प्रसूति, विवाह और मृत्यु संबंधी DBT भुगतान जारी करने, श्रमिक कार्ड से जुड़े मामलों का शीघ्र निस्तारण करने तथा फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर सहायता राशि लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई गई।

धरना-प्रदर्शन में इंदर सिंह, सुरेश चन्द्र आर्या, संदीप सैनी, मंसूर अली, इशरत अली, अरविन्द कुमार, चरण सिंह, रीता, प्रियंका, फिरोज, बबलु, इंतजार, रेखा, शबनम, कबूतरी, सिंटू कुमार, शारदा, मुनेश, बालेश, सुमन, राज कमल, सुधा, सोमपाल, प्रमोद कुमार शर्मा, सरिता, अशोक, अभिषेक, धीर सिंह और अमित कुमार सहित अनेक श्रमिक एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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