मुंबई-हावड़ा मेल और एयर इंडिया फ्लाइट को बम से उड़ाने की धमकी, सोशल मीडिया पर मचा हड़कंप

भारत न्यूज लाइव
स्रोत एएनआई , दिल्ली। ‘हिंदुस्तान वालों… खून के आंसू रोओगे’, इस धमकी के साथ एक बार फिर देश में बम धमाके की आशंका का साया गहराने लगा है। मुंबई-हावड़ा मेल ट्रेन को बम से उड़ाने की धमकी दी गई, जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का बड़ा कारण बन गई। ये घटना उस वक्त सामने आई जब ट्रेन में यात्रा कर रहे सैकड़ों यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए। धमकी सोशल मीडिया के माध्यम से दी गई थी, जिसमें टाइमर बम से ट्रेन को उड़ाने की बात कही गई थी।
यह घटना सोमवार की तड़के करीब चार बजे की है, जब कंट्रोल रूम को यह संदेश मिला। संदेश के मुताबिक, मुंबई से हावड़ा जा रही 12809 मुंबई-हावड़ा मेल ट्रेन को टाइमर बम से उड़ाने की योजना बनाई गई थी। जैसे ही यह संदेश सुरक्षा एजेंसियों को प्राप्त हुआ, तत्काल प्रभाव से ट्रेन को जलगांव स्टेशन पर रोका गया और ट्रेन की पूरी तरह से जांच की गई। लगभग दो घंटे तक चली इस जांच के दौरान सुरक्षा अधिकारियों ने ट्रेन के हर कोने को बारीकी से खंगाला, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इस तरह की धमकियां न केवल सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चुनौती बन गई हैं, बल्कि यात्रियों में भी डर का माहौल बना देती हैं।
धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे रेलवे स्टेशन और ट्रेन में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। घटना की सूचना मिलते ही बम स्क्वाड और डॉग स्क्वाड की टीमें मौके पर पहुंच गईं। ट्रेन में सवार यात्रियों को फिलहाल किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए रेलवे अधिकारियों ने पूरी सतर्कता बरती। लगभग दो घंटे की सघन जांच के बाद जब कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली, तब ट्रेन को गंतव्य की ओर रवाना कर दिया गया।धमकी भले ही झूठी निकली हो, लेकिन इसने सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना उस वक्त और भी गंभीर हो गई जब सुबह मुंबई से न्यूयॉर्क जा रहे एयर इंडिया के विमान को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई। विमान के उड़ान भरने से पहले ही बम की सूचना मिली, जिसके बाद पूरे विमान और यात्रियों की सघन जांच की गई। फिलहाल दोनों घटनाओं के बीच किसी भी तरह का सीधा संबंध नहीं मिला है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए व्यापक जांच शुरू कर दी है।
ऐसी घटनाओं के मद्देनजर सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और धमकियों पर भी कड़ी नजर रखने की जरूरत बढ़ गई है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि धमकी देने वाले का मकसद क्या था और वह किस हद तक अपनी योजना को अंजाम देने की स्थिति में था।


