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नई दिल्ली, 24 नवंबर : संसद के शीतकालीन सत्र से एक दिन पहले, सरकार ने रविवार को राजनीतिक दलों के नेताओं की बैठक बुलाई है, जिसका उद्देश्य सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाना है। यह बैठक संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा आयोजित की गई है। कांग्रेस, तृणमूल, डीएमके, शिवसेना, बीजेडी और अन्य दलों के नेताओं के शामिल होने की संभावना है।
शीतकालीन सत्र 25 नवंबर से शुरू होकर 20 दिसंबर तक चलेगा। सरकार ने इस सत्र के लिए 16 विधेयकों को सूचीबद्ध किया है, जिनमें वक्फ (संशोधन) विधेयक भी शामिल है। वहीं, विपक्ष मणिपुर में चल रही जातीय हिंसा और उद्योगपति गौतम अडानी पर अमेरिकी अदालत द्वारा लगाए गए रिश्वतखोरी के आरोपों जैसे मुद्दों को उठाने की तैयारी में है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अडानी मामले में संयुक्त संसदीय समिति (JPC) से जांच की मांग की है।
इस बैठक में 26 नवंबर को संविधान अपनाने की 75वीं वर्षगांठ पर सेंट्रल हॉल में आयोजित होने वाले कार्यक्रम पर भी चर्चा होने की संभावना है।
सरकार ने जिन विधेयकों को सत्र के दौरान लाने की योजना बनाई है, उनमें पंजाब कोर्ट (संशोधन) विधेयक भी शामिल है। यह दिल्ली जिला अदालतों के मौद्रिक अपीलीय अधिकार क्षेत्र को 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने का प्रावधान करता है। साथ ही, मर्चेंट शिपिंग विधेयक, कोस्टल शिपिंग विधेयक और इंडियन पोर्ट्स विधेयक भी सूचीबद्ध हैं।
लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक सहित आठ विधेयक और राज्यसभा में दो विधेयक लंबित हैं। हालांकि, “वन नेशन, वन इलेक्शन” की योजना से संबंधित विधेयक फिलहाल सूची में शामिल नहीं है, लेकिन ऐसी खबरें हैं कि सरकार इसे लाने पर विचार कर रही है।


