संभल में शाही जामा मस्जिद पर विवाद: मौलाना शहाबुद्दीन की अपील- पत्थरबाजी और हिंसा से बचें
मौलाना का संदेश: कानून पर भरोसा रखें, अमन-शांति बनाए रखें

भारत न्यूज लाइव
बरेली: ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुए हंगामे और पथराव की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं इस्लाम की शिक्षाओं और शांति के संदेश के खिलाफ हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि वे धैर्य रखें और कानून पर भरोसा करें।
“मस्जिद नहीं छीनी जाएगी, अदालत से हमें न्याय मिलेगा”
मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा कि मस्जिद के सर्वे का अर्थ यह नहीं है कि मस्जिद छीनी जाएगी। जामा मस्जिद एक ऐतिहासिक धरोहर है, और कोर्ट में इस मामले में न्याय मिलेगा। उन्होंने मुसलमानों से भावनात्मक होने की बजाय शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से स्थिति को संभालने का अनुरोध किया।
पथराव और तोड़फोड़: पुलिसकर्मी घायल, गाड़ियां जलीं
रविवार को मस्जिद के सर्वे के दौरान हिंसा भड़क उठी। उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव किया, जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। इसके साथ ही कुछ गाड़ियों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं भी हुईं।
कोर्ट का आदेश और सर्वे की प्रक्रिया
19 नवंबर को संभल की जिला कोर्ट ने शाही जामा मस्जिद के सर्वे का आदेश दिया था। पहले दिन शांतिपूर्ण तरीके से सर्वे किया गया, लेकिन रविवार को सर्वे टीम के मस्जिद में प्रवेश करते ही बाहर जमा भीड़ ने उग्र रूप ले लिया।
“धैर्य रखें, विरोध का सही तरीका अपनाएं”: मौलाना की अपील
मौलाना शहाबुद्दीन ने दोहराया कि इस तरह की हिंसा और प्रदर्शन न सिर्फ गलत हैं, बल्कि कानून व्यवस्था को भी नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने सभी समुदायों से शांति बनाए रखने और किसी भी विवाद को कानूनी प्रक्रिया से हल करने की बात कही।
आगे की स्थिति पर नजर: प्रशासन और स्थानीय नेताओं की पहल के बाद तनाव को कम करने की कोशिशें जारी हैं।



