Dr Bhimrao Ambedkar और Bharat Ratna: क्या है कांग्रेस और बीजेपी के बीच का विवाद?

एडिटर, भारत न्यूज़ लाइव
पिछले कुछ दिनों से भारतीय राजनीति में संविधान निर्माता Dr Bhimrao Ambedkar को लेकर जबरदस्त बहस चल रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संसद में दिए गए बयान को विपक्ष ने बाबा साहब का अपमान बताया। इसके बाद कांग्रेस ने अमित शाह से इस्तीफे की मांग करते हुए देशभर में प्रदर्शन शुरू कर दिया।

वहीं, बीजेपी ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस ने कभी Dr Bhimrao Ambedkar का सम्मान नहीं किया। बीजेपी ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए बताया कि उन्होंने बाबा साहब से जुड़े कई स्थलों का विकास किया और संविधान दिवस की शुरुआत की।
कांग्रेस ने आंबेडकर को क्यों नहीं दिया भारत रत्न?
बीजेपी का आरोप है कि आजादी के बाद लंबे समय तक सत्ता में रही कांग्रेस ने Dr Bhimrao Ambedkar को जानबूझकर भारत रत्न नहीं दिया। जबकि नेहरू-गांधी परिवार के तीनों प्रधानमंत्रियों- जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी को यह सम्मान दिया गया।

भारत रत्न, भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। इसे देने की प्रक्रिया प्रधानमंत्री की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्वारा पूरी की जाती है। गृह मंत्रालय इन अनुशंसाओं को प्राप्त करके पीएमओ को भेजता है।
मरणोपरांत Bharat Ratna: Dr Bhimrao Ambedkar को कब मिला यह सम्मान?
हालांकि Bharat Ratna पुरस्कार आमतौर पर जीवित व्यक्तियों को दिया जाता है, लेकिन कई बार मरणोपरांत भी यह सम्मान दिया गया। डॉक्टर आंबेडकर को 1990 में वीपी सिंह सरकार द्वारा मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया। यह कदम रामविलास पासवान, शरद यादव और नीतीश कुमार जैसे नेताओं के दबाव के कारण उठाया गया। उस समय बीजेपी इस सरकार को बाहर से समर्थन दे रही थी।

बाबा साहब पर राजनीति: कैसे बढ़ा उनका महत्व?
1980 के दशक में बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के उदय के बाद बाबा साहब का नाम वंचित वर्गों के बीच लोकप्रिय होने लगा। कांशीराम ने गांधी की आलोचना करते हुए आंबेडकर को दलितों का असली मसीहा बताया। 1984 में बीएसपी के गठन के बाद अनुसूचित जाति के मतदाता तेजी से इस नई पार्टी की ओर आकर्षित हुए। इससे अन्य पार्टियों पर भी अनुसूचित जाति/जनजाति के वोट बैंक को ध्यान में रखते हुए आंबेडकर को महत्व देने का दबाव बढ़ा।
बीजेपी का दावा: Dr Bhimrao Ambedkar के लिए किए गए कार्य
2014 में सत्ता में आने के बाद मोदी सरकार ने कई कार्यों के माध्यम से बाबा साहब का सम्मान बढ़ाने का दावा किया। 2015 में अटल बिहारी वाजपेयी और मदन मोहन मालवीय को भारत रत्न दिया गया। 2019 में नानाजी देशमुख, लालकृष्ण आडवाणी, और कर्पूरी ठाकुर जैसे नेताओं को भी यह सम्मान प्रदान किया गया।
अमित शाह के बयान पर हंगामा
अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस ने सिर्फ अपने नेताओं को भारत रत्न दिया और बाबा साहब का अपमान किया। विपक्ष ने इसे आंबेडकर का अपमान करार दिया, लेकिन बीजेपी ने इस पर जवाब देते हुए कांग्रेस के रवैये पर सवाल उठाए।
निष्कर्ष: Dr Bhimrao Ambedkar और भारत रत्न पर राजनीति
डॉक्टर आंबेडकर को लेकर राजनीति ने पिछले कुछ दशकों में नया मोड़ लिया है। जहां एक ओर कांग्रेस और बीजेपी एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रही हैं, वहीं आंबेडकर का नाम हर राजनीतिक दल के लिए वोट बैंक का अहम हिस्सा बन गया है।
यह विवाद यह दिखाता है कि भारतीय राजनीति में बाबा साहब का महत्व कितना बढ़ गया है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ वोट बैंक के लिए हो रहा है, या उनके विचारों को सही मायनों में सम्मान दिया जा रहा है।
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