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कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने पेंशन भुगतान प्रणाली में बड़े बदलाव की घोषणा की है। साल 2025 से लागू होने वाले इस सेंट्रलाइज्ड पेंशन सिस्टम से रिटायरमेंट के तुरंत बाद पेंशनरों को उनके बैंक खातों में वेतन की तरह पेंशन मिलनी शुरू हो जाएगी। यह नई प्रणाली 68 लाख पेंशनभोगियों को लाभान्वित करेगी, जिससे पेंशन प्राप्त करने की प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान और सुगम हो जाएगी।
मुख्य विशेषताएं:
- रिटायरमेंट के बाद तुरंत पेंशन:
- पेंशनरों को अब महीनों तक पेंशन बेनिफिट का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। रिटायरमेंट के साथ ही पेंशन सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर हो जाएगी।
- हर महीने पेंशन राशि उनके होमटाउन के बैंक खाते में आएगी।
- बैंक ब्रांच या लोकेशन बदलने पर कोई प्रभाव नहीं:
- अब पेंशन सुविधा प्राप्त करने के लिए किसी विशेष बैंक ब्रांच पर निर्भर रहना जरूरी नहीं होगा।
- देश के किसी भी बैंक ब्रांच से पेंशन राशि निकाली जा सकेगी।
- सेंट्रलाइज्ड सिस्टम का लाभ:
- EPFO का ऑनलाइन सिस्टम सभी रीजनल ऑफिस से जुड़ा रहेगा और सभी कर्मचारियों की पेंशन रिपोर्ट तैयार करेगा।
- बैंक ब्रांच में जाकर पेंशन वेरिफिकेशन कराने की जरूरत खत्म हो जाएगी।
- ऑटोमैटिक पेंशन ऑर्डर:
- पेंशन की घोषणा के बाद वेरीफिकेशन या दस्तावेज़ी प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं होगी।
- अंतिम नौकरी के स्थान से पेंशनभोगी यदि अपने होमटाउन शिफ्ट होते हैं, तो भी पेंशन प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी।
बदलाव से पेंशनरों को लाभ:
- पहले जहां अलग-अलग स्थानों पर जाकर पेंशन ऑर्डर एप्रूव कराने में समय और परेशानी होती थी, अब इस झंझट से मुक्ति मिल जाएगी।
- EPFO का यह कदम पेंशनरों की जिंदगी को सरल और परेशानी मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव है।
केंद्रीय मंत्री की प्रशंसा:
केंद्रीय मंत्री मंसुख मंडाविया ने इस सेंट्रलाइज्ड पेंशन सिस्टम को पेंशनभोगियों के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया है। उन्होंने इस आधुनिक प्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि यह परिवर्तन पेंशनरों को मिलने वाली सहूलियत को बढ़ाने के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
यह नई प्रणाली पेंशनरों के जीवन को सरल बनाने के साथ ही डिजिटल इंडिया के लक्ष्य को भी मजबूती प्रदान करेगी। EPFO का यह कदम निश्चित रूप से पेंशनभोगियों के लिए एक राहत भरा बदलाव साबित होगा।


