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नई दिल्ली: होली से पहले सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। ताजा जानकारी के अनुसार, गुरुवार 6 मार्च 2025 को सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है। 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 600 रुपये बढ़कर 87,900 रुपये तक पहुंच गई, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत भी बढ़कर 80,600 रुपये हो गई। चांदी की कीमतों में भी तेजी देखी गई, और 1 किलोग्राम चांदी का भाव 97,900 रुपये पर पहुंच गया।
हाल के दिनों में सोने की कीमतों में लगातार तेजी का मुख्य कारण वैश्विक आर्थिक अस्थिरता और व्यापार तनाव है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कनाडा, मैक्सिको और चीन पर नए कर लगाने की घोषणा के बाद वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई। इस फैसले के बाद निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के विकल्प के रूप में सोने को चुना, जिससे इसकी मांग और कीमतों में तेजी आई।

डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए नए टैरिफ के जवाब में चीन और कनाडा ने भी अमेरिकी उत्पादों पर नए कर लगाने की योजना बनाई है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में और अधिक अस्थिरता बढ़ गई, जिससे निवेशकों का रुझान सोने की ओर बढ़ गया।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की संभावित ब्याज दर कटौती भी सोने की कीमतों में तेजी का एक प्रमुख कारण है। अमेरिका में बढ़ती बेरोजगारी दर, उपभोक्ता खर्च में गिरावट और कमजोर आर्थिक संकेतकों के कारण संभावना है कि फेडरल रिजर्व जल्द ही ब्याज दरों में कटौती करेगा। ब्याज दरों में कटौती से डॉलर की मजबूती कम होती है, जिससे सोने का आकर्षण बढ़ जाता है और निवेशक सोने में निवेश करने लगते हैं।
दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं में मंदी की आशंका के चलते भी सोने की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। कई देशों के केंद्रीय बैंक भी अपनी विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की खरीदारी बढ़ा रहे हैं, जिससे सोने की मांग और कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
भारत में सोने और चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी का एक और प्रमुख कारण स्थानीय मांग है। होली और अन्य आगामी त्योहारों के कारण सोने और चांदी की खरीदारी बढ़ गई है, जिससे कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा बाजार परिस्थितियों को देखते हुए सोने में निवेश करना लाभदायक हो सकता है। हालांकि, निवेशकों को बाजार के उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखते हुए सोने की कीमतों पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
वैश्विक आर्थिक संकट, व्यापार तनाव, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की संभावित ब्याज दर कटौती, वैश्विक मंदी की आशंका और स्थानीय बाजार की बढ़ती मांग जैसे कई कारकों के कारण सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। निवेशकों को सतर्क रहते हुए सोने की कीमतों पर नजर बनाए रखनी चाहिए ताकि वे सही समय पर सही निवेश निर्णय ले सकें।
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