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उत्तराखंड में भारी से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट, 70 सड़कें बंद, प्रशासन हाई अलर्ट पर ।

विक्रम सिंह कठैत ( एडिटर) ,भारत न्यूज़ लाइव

देहरादून। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग द्वारा अगले दो दिनों तक प्रदेश के कई जिलों में भारी से अत्यंत भारी वर्षा की चेतावनी जारी किए जाने के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। संभावित आपदा की स्थिति से निपटने के लिए सभी जिलों के अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और आपदा प्रबंधन की टीमें भी पूरी तरह तैयार रखी गई हैं।

लगातार हो रही बारिश का सबसे अधिक असर सड़क संपर्क पर पड़ा है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भूस्खलन, मलबा आने और पहाड़ियों से पत्थर गिरने की घटनाओं के कारण चार राज्य मार्ग सहित कुल 70 सड़कें बंद हो गई हैं। इससे ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में भी बाधा उत्पन्न हो रही है, जबकि मरीजों और विद्यार्थियों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

उत्तरकाशी जिले में स्थिति अधिक चिंताजनक बनी हुई है। यहां लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण पांच गांवों का सड़क संपर्क बाधित हो गया है। प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है तथा सड़कों को जल्द से जल्द खोलने के लिए लोक निर्माण विभाग, सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) और अन्य संबंधित एजेंसियों की टीमें युद्धस्तर पर कार्य कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, मौसम अनुकूल होते ही मार्गों को खोलने का कार्य तेज किया जाएगा।

राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को सतर्क रहने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों से अतिरिक्त सावधानी बरतने तथा अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की अपील की गई है। पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा करने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को भी मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, भारी वर्षा के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टान गिरने और अचानक जलस्तर बढ़ने की घटनाएं हो सकती हैं। ऐसे में लोगों को नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने आपातकालीन सेवाओं को भी अलर्ट मोड पर रखा है ताकि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।

प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन, पुलिस या आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें। अधिकारियों का कहना है कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और हालात के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों की संवेदनशीलता को उजागर कर दिया है। यदि वर्षा का दौर इसी तरह जारी रहा तो सड़क संपर्क, जनजीवन और आवश्यक सेवाओं पर इसका प्रभाव और अधिक बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन और आम जनता दोनों के लिए सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।

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