यूपी बोर्ड रिजल्ट से पहले साइबर ठग सक्रिय: नंबर बढ़वाने के नाम पर ठगी, छात्रों-अभिभावकों को चेतावनी l

भारत न्यूज़ लाइव
उत्तर प्रदेश l माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) द्वारा आयोजित हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं का मूल्यांकन कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुका है और अब लाखों छात्र-छात्राएं अपने परिणामों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसी बीच एक चिंताजनक स्थिति सामने आई है, जिसमें साइबर ठग सक्रिय होकर छात्रों और उनके अभिभावकों को निशाना बना रहे हैं। हाल ही में बरेली से ऐसी कई शिकायतें सामने आई हैं, जिनमें बताया गया है कि कुछ अज्ञात व्यक्ति खुद को बोर्ड या परिषद का कर्मचारी बताकर फोन कॉल कर रहे हैं और छात्रों को उनके अंकों की जानकारी देने का दावा कर रहे हैं। इतना ही नहीं, ये ठग छात्रों को यह भी लालच दे रहे हैं कि यदि वे कुछ पैसे जमा कर दें, तो उनके अंक बढ़वा दिए जाएंगे या उन्हें बेहतर परिणाम दिलवा दिया जाएगा। इस तरह के फर्जी कॉल्स और धोखाधड़ी की घटनाओं को देखते हुए क्षेत्रीय सचिव, माध्यमिक शिक्षा परिषद बरेली कार्यालय की ओर से एक सार्वजनिक सूचना जारी की गई है, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि परिषद का ऐसा कोई भी प्रावधान नहीं है, जिसमें पैसे लेकर अंक बढ़ाए जा सकें। परिषद ने यह भी बताया है कि परीक्षा परिणाम पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष प्रक्रिया के तहत तैयार किए जाते हैं, और इसमें किसी भी प्रकार की बाहरी दखलंदाजी या हेरफेर संभव नहीं है। इसलिए यदि कोई व्यक्ति खुद को परिषद का अधिकारी या कर्मचारी बताकर इस प्रकार का प्रस्ताव देता है, तो वह निश्चित रूप से धोखेबाज है।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि परिषद या उससे जुड़े किसी भी अधिकारी द्वारा छात्रों को व्यक्तिगत रूप से कॉल करके अंक या परिणाम से संबंधित जानकारी नहीं दी जाती है। सभी आधिकारिक सूचनाएं केवल परिषद की आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत माध्यमों से ही जारी की जाती हैं। ऐसे में यदि किसी छात्र या अभिभावक को इस तरह का कोई फोन कॉल आता है, तो उसे पूरी तरह नजरअंदाज करें और किसी भी स्थिति में अपनी व्यक्तिगत जानकारी जैसे रोल नंबर, आधार नंबर, बैंक डिटेल या OTP साझा न करें। साथ ही, किसी भी प्रकार का पैसा ट्रांसफर करने से बचें, क्योंकि एक बार पैसा भेजने के बाद उसे वापस पाना बेहद मुश्किल हो सकता है।
बरेली क्षेत्रीय कार्यालय ने लोगों से अपील की है कि वे इस प्रकार के साइबर अपराधियों से सतर्क रहें और दूसरों को भी जागरूक करें। यदि किसी के साथ इस तरह की धोखाधड़ी का प्रयास होता है, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर इसकी सूचना दें। सरकार और शिक्षा विभाग लगातार ऐसे अपराधों पर नजर बनाए हुए हैं, लेकिन जनता की सतर्कता भी उतनी ही आवश्यक है। इस समय जब छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं और परिणाम का इंतजार कर रहे हैं, ऐसे में ठग उनकी भावनाओं का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए यह जरूरी है कि सभी लोग समझदारी से काम लें और किसी भी प्रकार के लालच में न आएं।
छात्रों और अभिभावकों को यह समझना चाहिए कि मेहनत और ईमानदारी से प्राप्त किए गए अंक ही वास्तविक होते हैं और किसी भी शॉर्टकट या अवैध तरीके से हासिल की गई सफलता न केवल गलत है बल्कि कानूनी अपराध भी है। शिक्षा विभाग ने यह भी भरोसा दिलाया है कि परिणाम जल्द ही घोषित किए जाएंगे और सभी छात्र अपने परिणाम आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से देख सकेंगे। इस बीच किसी भी अफवाह या फर्जी कॉल पर विश्वास न करें और केवल विश्वसनीय स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें। इस प्रकार की जागरूकता ही साइबर अपराधियों के मंसूबों को नाकाम कर सकती है और समाज को सुरक्षित बनाए रख सकती है।



