मथुरा में मालगाड़ी दुर्घटनाग्रस्त 12 डिब्बे पटरी से उतरे, कई ट्रेनें प्रभावित, राहत कार्य जारी

भारत न्यूज़ लाइव
उत्तर प्रदेश l मथुरा में मंगलवार रात एक बड़ा रेल हादसा हुआ, जब वृंदावन-छटीकरा मार्ग के बीच कोयला लेकर जा रही एक मालगाड़ी पटरी से उतर गई। हादसा रात करीब 8:30 बजे हुआ, जिससे रेलवे ट्रैफिक पूरी तरह बाधित हो गया। घटना में मालगाड़ी के करीब 12 डिब्बे बेपटरी होकर पलट गए, जिससे ट्रैक पर कोयला फैल गया। यह मालगाड़ी आगरा से दिल्ली गाजियाबाद की ओर जा रही थी। हादसे की जानकारी मिलते ही रेलवे प्रशासन के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। तुरंत रेलवे अधिकारी, एनडीआरएफ, आरपीएफ और तकनीकी टीम मौके के लिए रवाना हो गईं और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, हादसे के बाद अप, डाउन और तीसरी लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही रोक दी गई है, जिससे लगभग 12 से अधिक ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। हालांकि यात्रियों को राहत देने के लिए चौथी लाइन से कुछ ट्रेनों को निकाला जा रहा है। वहीं, पटरी से उतरे डिब्बों को अन्य ट्रैकों से हटाने का कार्य तेजी से जारी है ताकि जल्द से जल्द रेल यातायात को बहाल किया जा सके।
जानकारी के अनुसार, यह हादसा डिब्बे की कपलिंग खुल जाने के कारण हुआ। कपलिंग खुलने से मालगाड़ी के डिब्बे एक-दूसरे से अलग हो गए और अचानक असंतुलित होकर पटरी से उतर गए। हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन ट्रैक को काफी नुकसान पहुंचा है। रेल विभाग के इंजीनियरिंग कर्मचारी और अधिकारी लगातार ट्रैक को दुरुस्त करने में लगे हुए हैं। रेलवे की ओर से बताया गया कि चौथी लाइन से यातायात आंशिक रूप से शुरू कर दिया गया है और बाकी ट्रैकों को जल्द ही दुरुस्त कर दिया जाएगा।

रेलवे मीडिया प्रभारी रागिनी सिंह ने बताया कि वृंदावन-छटीकरा मार्ग के बीच मालगाड़ी के 12 डिब्बे डिरेल हुए हैं। ये मालगाड़ी आगरा से कोयला लेकर गाजियाबाद की ओर जा रही थी। जैसे ही हादसे की सूचना मिली, रेलवे प्रशासन ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। मौके पर एनडीआरएफ, आरपीएफ और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं। फिलहाल बचाव कार्य तेजी से चल रहा है और चौथी लाइन से कुछ ट्रेनों को निकाला जा रहा है ताकि यात्रियों को कम से कम परेशानी हो।
इस हादसे के कारण दिल्ली-आगरा रेल मार्ग पूरी तरह प्रभावित हो गया। कई ट्रेनों को रास्ते में रोकना पड़ा या उनके रूट बदले गए। देर रात तक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा और बेपटरी डिब्बों को हटाने के प्रयास किए जाते रहे। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि बुधवार सुबह तक ट्रैक को दुरुस्त कर ट्रेनों की आवाजाही सामान्य कर दी जाएगी।
गौर करने वाली बात यह है कि ठीक इसी स्थान पर लगभग एक वर्ष पहले भी ऐसा ही हादसा हुआ था। 19 अक्टूबर 2024 को भी आगरा से दिल्ली जा रही कोयला मालगाड़ी के 10 डिब्बे इसी मार्ग पर पलट गए थे। तब हादसे का कारण ओएचई (ओवरहेड वायर) टूटना बताया गया था। उस समय रेल मार्ग तीन दिनों तक पूरी तरह बाधित रहा था और तीसरी तथा चौथी लाइन से अस्थायी रूप से ट्रेनों को निकाला गया था। अब एक बार फिर उसी स्थान पर वैसा ही हादसा होने से रेलवे प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, यह क्षेत्र कई बार हादसों का केंद्र बन चुका है। लगातार दो बड़े हादसों के बाद रेलवे अब जांच में जुट गया है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि हादसे के वास्तविक कारणों की जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मौके पर मरम्मत कार्य जारी है और ट्रेनों के संचालन को जल्द सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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