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उत्तराखंड l शनिवार की सुबह नानकमत्ता क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ जिसमें चार मजदूरों की मौत हो गई और तीन घायल हो गए। हादसा नानकसागर डैम से पहले मोड़ पर हुआ, जब तेज रफ्तार पिकअप वाहन और ट्रैक्टर-ट्रॉली की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई और उसमें बैठे सातों मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी मजदूर दीपावली मनाने के लिए सड़ासड़ी से अपने घरों की ओर लौट रहे थे। मृतकों की पहचान हसनगढ़, जनपद संभल निवासी गुरुमुख (17) पुत्र राजेंद्र, शीशपाल (22) पुत्र महावीर, जयवीर (31) पुत्र श्यामलाल और अमरोहा निवासी अखिलेश के रूप में हुई है। घायलों में जयपाल पुत्र धर्मेन्द्र, प्रदीप और पुरुषोत्तम शामिल हैं। हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। सूचना पर नानकमत्ता पुलिस तुरंत पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को 108 एंबुलेंस से उप-जिला अस्पताल खटीमा भेजा गया। वहां डॉक्टरों ने अखिलेश को मृत घोषित कर दिया। इलाज के दौरान गुरुमुख और जयवीर पुत्र श्यामलाल की भी मौत हो गई। शीशपाल को गंभीर हालत में हल्द्वानी हायर सेंटर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में सितारगंज के पास 108 एंबुलेंस में ही उसने दम तोड़ दिया। इस तरह हादसे में कुल चार मजदूरों की जान चली गई। पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घायलों जयपाल, प्रदीप और पुरुषोत्तम का इलाज उप-जिला अस्पताल खटीमा में चल रहा है, जहां डॉक्टरों ने बताया कि तीनों की स्थिति अब खतरे से बाहर है। हादसे के बाद पिकअप चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया, पुलिस ने मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। ट्रैक्टर और पिकअप दोनों ही बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। दीपावली से पहले हुए इस हादसे ने संभल और अमरोहा जिले के कई परिवारों को मातम में डुबो दिया है। जो लोग घर में दीप जलाने की तैयारी कर रहे थे, उनके आंगन अब सूने पड़ गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि सभी मजदूर मेहनती और सरल स्वभाव के थे, जो हर साल की तरह इस बार भी पर्व पर घर लौट रहे थे। हादसे की खबर मिलते ही परिजन बदहवास हालत में खटीमा अस्पताल पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने अस्पताल जाकर घायलों का हाल जाना और बेहतर इलाज के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि हादसे की जांच की जा रही है और दोषी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों ने कहा कि नानकसागर डैम के पास का मोड़ बेहद खतरनाक है और यहां पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। उन्होंने प्रशासन से वहां चेतावनी संकेतक और स्पीड ब्रेकर लगाने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसे हादसे टाले जा सकें। चारों मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है और दीपावली की खुशियां मातम में बदल गई हैं।


