सड़क दुर्घटनाओं में युवाओं की 60% मौतें: सरकार ने जताई चिंता

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हर साल 1.78 लाख मौतें, सबसे अधिक उत्तर प्रदेश और दिल्ली में
भारत में हर साल सड़क दुर्घटनाओं में 1.78 लाख लोगों की मौत होती है, जिसमें 60% पीड़ित 18-34 वर्ष के युवा हैं। लोकसभा में परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने चिंता जताते हुए कहा कि कानून का डर कम हो गया है।
हेलमेट और ट्रैफिक सिग्नल की अनदेखी बनी बड़ी वजह
मंत्री ने कहा, “दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि इतनी बड़ी संख्या में मौतों के बावजूद लोग कानून से नहीं डरते। कुछ लोग हेलमेट नहीं पहनते, तो कुछ रेड सिग्नल तोड़ देते हैं।”
सड़क दुर्घटनाओं से उत्तर प्रदेश और दिल्ली में सबसे अधिक मौतें
- राज्यवार स्थिति: उत्तर प्रदेश में 23,000 से अधिक मौतें (13.7%) हुई हैं, जो किसी भी राज्य में सबसे अधिक हैं। इसके बाद तमिलनाडु (18,000 मौतें, 10.6%) और महाराष्ट्र (15,000 मौतें, 9%) का स्थान है।
- शहरों की स्थिति: दिल्ली में 1,400 से अधिक मौतें हुई हैं, जो सभी शहरों में सबसे ज्यादा हैं। इसके बाद बेंगलुरु (915 मौतें) और जयपुर (850 मौतें) का नंबर आता है।
सड़क सुरक्षा के प्रति लापरवाही पर मंत्री की टिप्पणी
गडकरी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के लिए ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन बड़ी वजह है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे ट्रैफिक कानूनों का पालन करें और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करें।
निष्कर्ष: यह रिपोर्ट भारत में सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर चुनौतियों को उजागर करती है और यह स्पष्ट करती है कि युवा वर्ग को जागरूक करना कितना जरूरी है।
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