रोहित शर्मा की फॉर्म पर दबाव, गाबा टेस्ट से पहले कप्तानी और बल्लेबाजी में चुनौती

एडिटर , भारत न्यूज़ लाइव
गाबा की तेज पिच पर 14 दिसंबर से होने वाले तीसरे टेस्ट मैच से पहले कप्तान रोहित शर्मा अपनी फॉर्म को लेकर दबाव में हैं। एडिलेड टेस्ट में उन्होंने सिर्फ तीन और छह रन की पारियां खेलीं। पिछले तीन टेस्ट की छह पारियों में उनके नाम केवल 46 रन हैं, जिनमें उनका सर्वोच्च स्कोर 18 रन रहा। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में 1-1 की बराबरी के बाद भारत की वापसी के लिए रोहित का फॉर्म में लौटना बहुत जरूरी है। हालांकि, रोहित एडिलेड में अपने नियमित स्थान ओपनिंग पर नहीं उतरे थे, जिस पर दिग्गज सुनील गावस्कर और रवि शास्त्री ने कहा कि रोहित को गाबा टेस्ट में ओपनिंग पर उतना चाहिए।
रोहित सिर्फ फॉर्म को लेकर ही दबाव में नहीं हैं, बल्कि कप्तानी में भी उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। वह पिछले चार टेस्ट मैच हार चुके हैं और उनका आखिरी टेस्ट शतक मार्च 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ धर्मशाला में था। इसके बाद से उन्होंने 12 पारियां खेलीं, जिनमें केवल एक अर्धशतक ही बना पाए। रोहित की पिछली 12 टेस्ट पारियां इस प्रकार रही हैं: 6, 3, 11, 18, 8, 0, 52, 2, 8, 23, 5, 6 रन। न्यूजीलैंड के खिलाफ 0-3 से हार ने उनकी फॉर्म पर बुरा असर डाला। पर्थ टेस्ट में वह पितृत्व अवकाश के कारण नहीं खेले, जिससे यशस्वी और राहुल को ओपनिंग का मौका मिला और दोनों ने अच्छा प्रदर्शन किया। एडिलेड में यशस्वी और राहुल भी नहीं चले, जबकि रोहित मध्यक्रम में विफल रहे। अब यह देखना होगा कि गाबा टेस्ट में रोहित ओपनिंग करेंगे या मध्यक्रम में उतरेंगे।
सुनील गावस्कर और रवि शास्त्री का मानना है कि रोहित को गाबा में ओपनिंग करनी चाहिए, ताकि वह आक्रामक तरीके से खेलकर अपने खेल को खुलकर व्यक्त कर सकें। शास्त्री ने कहा कि रोहित बुरी तरह जकड़े हुए नजर आ रहे हैं, और यह वजह है कि वह ओपनिंग करते हुए ज्यादा आक्रामक हो सकते हैं। गावस्कर ने भी कहा कि रोहित को अपने नियमित स्थान पर ओपनिंग करनी चाहिए, और राहुल को नंबर पांच या छह पर बल्लेबाजी करनी चाहिए। अगर रोहित गाबा में तेजी से रन बनाते हैं, तो वह शतक भी बना सकते हैं।
दिग्गज कपिल देव ने गाबा टेस्ट से पहले रोहित शर्मा का बचाव करते हुए कहा कि उनकी वापसी पर संदेह नहीं किया जाना चाहिए। कपिल का कहना था कि रोहित को साबित करने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि वह लंबे समय से अच्छा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक-दो प्रदर्शन से किसी की कप्तानी पर सवाल नहीं उठाए जा सकते, और छह महीने पहले उन्होंने टीम को टी-20 विश्व कप जिताया था। कपिल को पूरा विश्वास है कि रोहित फॉर्म में वापसी करेंगे।
हालांकि, रोहित का रिकॉर्ड सेना देशों (द. अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया) में अच्छा नहीं रहा है, और गाबा की तेज पिच पर उनकी फॉर्म में वापसी चुनौतीपूर्ण हो सकती है। रोहित ने इन देशों में कुल 12 टेस्ट शतक लगाए हैं, जिसमें से एक शतक उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 2021 में ओवल में लगाया था। इन देशों में उनके औसत 30 से कम हैं, जबकि ओपनिंग में उनका औसत 37.8 है। हालांकि, एनसीए के पूर्व कोच का मानना है कि रोहित को गाबा में मध्यक्रम में उतरना चाहिए, क्योंकि उम्र के साथ उनके फुटवर्क में कमी आई है, और तेज पिच पर ओपनिंग करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। पूर्व चयनकर्ता देबांग गांधी भी एडिलेड में रोहित को मध्यक्रम में उतारने के फैसले से सहमत हैं।


