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हरिद्वार में संत सुरेशानंद की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

एडिटर भारत न्यूज़ लाइव

हरिद्वार में संत सुरेशानंद की संदिग्ध परिस्थितियों में मौतहरिद्वार के कनखल थाना क्षेत्र में स्थित शांति भवन अपार्टमेंट में जूना अखाड़े के एक संत की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर ने सभी को चौंका दिया है। लगभग 70 वर्षीय संत, जिनकी पहचान सुरेशानंद के रूप में हुई है, का शव उनके फ्लैट में फंदे से लटका हुआ पाया गया। यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है और पुलिस जांच में जुट गई है।

घटना की जानकारी

कनखल थाने के थानाध्यक्ष मनोज नौटियाल ने बताया कि पुलिस को घटना की सूचना शांति भवन अपार्टमेंट से प्राप्त हुई। मृतक संत सुरेशानंद पिछले 5-6 महीनों से इस फ्लैट में किराए पर रह रहे थे। जब पुलिस घटनास्थल पर पहुंची, तो उन्होंने पाया कि फ्लैट का बाहरी गेट बंद था। गेट को काटकर पुलिस ने अंदर प्रवेश किया और शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।

संदिग्ध परिस्थितियां

घटना की परिस्थितियां संदिग्ध मानी जा रही हैं, क्योंकि अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि यह आत्महत्या है या किसी अन्य कारण से हुई मौत। पुलिस ने घटनास्थल पर जांच के दौरान साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया और मामले की तहकीकात शुरू कर दी है।

संत सुरेशानंद का परिचय

संत सुरेशानंद जूना अखाड़े के सदस्य थे और हरिद्वार में अध्यात्मिक गतिविधियों से जुड़े हुए थे। उनका सादा जीवन और शांत स्वभाव उन्हें लोगों के बीच लोकप्रिय बनाता था। शांति भवन में वे अकेले रहते थे और साधना में अपना समय बिताते थे।

पुलिस की प्राथमिक कार्रवाई

पुलिस ने प्राथमिक जांच के तहत शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, ताकि मौत के कारणों का पता लगाया जा सके। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि संत की मृत्यु कैसे हुई। इसके अलावा, पुलिस आसपास के लोगों और संत के संपर्क में रहने वाले व्यक्तियों से भी पूछताछ कर रही है।

सामाजिक और आध्यात्मिक प्रभाव

इस घटना ने संत समाज और स्थानीय समुदाय को झकझोर कर रख दिया है। हरिद्वार जैसे धार्मिक स्थान पर इस प्रकार की घटना न केवल दुखद है, बल्कि चिंताजनक भी है। संत सुरेशानंद का इस प्रकार जाना उनके अनुयायियों और जानने वालों के लिए एक बड़ा झटका है।

घटना से जुड़े सवाल

  1. क्या यह आत्महत्या थी, या किसी अन्य कारण से संत की मृत्यु हुई?
  2. संत सुरेशानंद के जीवन में हाल के दिनों में क्या कोई ऐसी घटना हुई थी, जिसने उन्हें मानसिक रूप से प्रभावित किया हो?
  3. फ्लैट में मौजूद साक्ष्य क्या इस घटना का कोई अन्य पहलू उजागर करते हैं?

घटना के बाद की स्थिति

संत सुरेशानंद की मौत के बाद शांति भवन और आस-पास का माहौल गमगीन है। स्थानीय निवासियों और संत समाज ने घटना पर शोक व्यक्त किया है। संत के अनुयायी और जानने वाले लोग उनकी शांतिपूर्ण और आध्यात्मिक जीवनशैली की सराहना कर रहे हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के नतीजे घटना की सच्चाई उजागर करेंगे। इस दौरान संत के अनुयायियों और परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद बनी हुई है।

निष्कर्ष

हरिद्वार के शांति भवन अपार्टमेंट में हुई इस दुखद घटना की सच्चाई सामने आने में समय लगेगा। पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि संत सुरेशानंद की मृत्यु किन परिस्थितियों में हुई। यह घटना संत समाज और हरिद्वार की धार्मिक परंपराओं पर भी एक सवाल खड़ा करती है।

हरिद्वार जैसे पवित्र स्थान पर घटित इस घटना ने कई अनुत्तरित प्रश्न छोड़े हैं, जिनका उत्तर पुलिस जांच और संबंधित व्यक्तियों की गवाही के बाद ही मिल पाएगा। आशा है कि जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ की जाएगी, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

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