
एडमिन भारत न्यूज़ लाइव
भगवानपुर l भगवानपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम चुडियाला में वैशाली त्यागी के घेर में नवीन जन कल्याण संस्थान एन .जी.ओ. के द्वारा एक मीटिंग का आयोजन किया गया जिसमें आंगनबाडी एवं आशा कार्यकर्ता सहित ७० महिलाओं ने सहभागिता की l

बताते चलें कि भारत सरकार द्वारा पारित अधिनियम बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 सम्पूर्ण भारत में ( जम्मू कश्मीर एवं केंद्र शासित प्रदेश पांडिचेरी को छोड़ कर ) पूर्ण रूप से लागू हो गया है l यहाँ तक कि भारत का व्यक्ति यदि विदेश में रह रहा है तो उन पर भी यह अधिनियम लागू होगा l एन.जी.ओ. के सचिव नवीनचन्द्र कुरील ने मीटिंग में उपस्थित जन समूह को जानकारी देते हुए कहा कि कानून में विवाह के लिए सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम उम्र बालिका के लिए १८ वर्ष बालक के लिए २१ वर्ष है l यदि कोई भी व्यक्ति इस निर्धारित उम्र से कम उम्र में शादी करता है तो उसे बाल विवाह करार दिया जाएगा l बाल विवाह मुख्यतः परिवार द्वारा बनाई गई व्यवस्था के अधीन होते हैं जहाँ सहमति का कोई स्थान नहीं होता है l किन्तु सहमति से किया गया बाल विवाह भी कानूनी रूप से वैध नहीं है l वर्तमान समय में बाल विवाह को किसी भी एक व्यक्ति द्वारा शून्य या शून्य करण घोषित करवाया जा सकता है l

उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनपद में बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी नियुक्त किये गए हैं और ग्रामीण स्तर पर भी कमेटियां बनायी गई हैं l इस कानून में प्रावधान है कि कोई भी व्यक्ति या संगठन बाल विवाह होने की जानकारी होने पर कोर्ट से उसे लाने का आदेश ला सकता है l अगर फिर भी बाल विवाह होता है तो दोषी पाए जाने पर दो साल की कैद तथा एक लाख जुर्माने की सजा हो सकती है l बैठक में सुबोध त्यागी ( पी.एल.वी. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरिद्वार ) ने भी बैठक में कानून की जानकारी दी l इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जयरानी , बबिता ,रजनी त्यागी ,बिन्दावती ,नीलम ,किरण ,कौशल त्यागी ,कौशल्या ,नीरा त्यागी ,सविता त्यागी सी.आर.पी. रीता ,वैशाली आशा कार्यकर्ता सुलोचना एवं अनीता ,संगीता ,धर्मी ,संयोगिता ,उषा,, सितारा, नेहा ,अफरोज ,बस्नूर,ममता ,मंजू ,फरीदा , बबली , रेखा, सुमन , निशा ,सविता ,कमलेश ,सहजादी सहित कई लोग उपस्थित रहे l



