
एडिटर , भारत न्यूज़ लाइव
भगवानपुर। पुलिस ने गोतस्करों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए 150 किलो प्रतिबंधित मांस बरामद किया है। यह घटना तब सामने आई जब भगवानपुर पुलिस को एक मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम सिरचंदी से मोहितपुर जाने वाले रास्ते पर एक निर्माणाधीन कंपनी के पास खेत में अवैध रूप से पशु कटान किया जा रहा है। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल शुरू की।
जैसे ही पुलिस वहां पहुंची, उन्होंने देखा कि कुछ लोग पशु कटान में लगे हुए हैं। पुलिस के आगमन से घबरा कर मौके पर मौजूद दो आरोपी भागने में सफल हो गए। हालांकि, पुलिस ने उन्हें पकड़ने के लिए काफी दूरी तक उनका पीछा किया, लेकिन वे पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सके। पुलिस ने दोनों आरोपियों की पहचान कर ली है, और उनकी गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी है।
मौके पर पुलिस ने 150 किलो मांस और कटान के लिए इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए हैं। यह कार्रवाई स्थानीय लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है कि प्रशासन अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी है और उनकी तलाश में जुट गई है। बताया जा रहा है कि आरोपी सिरचंदी गांव के निवासी शहनवाज और शादाब हैं। पुलिस ने ग्रामीणों से भी अपील की है कि वे ऐसी अवैध गतिविधियों की सूचना देने में सहयोग करें, ताकि इस तरह के अपराधों पर नियंत्रण पाया जा सके।
गोतस्करी एक गंभीर अपराध है जो न केवल पशु कल्याण के खिलाफ है, बल्कि इससे मानव स्वास्थ्य पर भी खतरा पैदा होता है। पुलिस प्रशासन ने स्थानीय समुदाय से इस तरह के मामलों में सहयोग की अपील की है ताकि आगे चलकर ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। साथ ही, प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि वे गोतस्करी से संबंधित गतिविधियों के खिलाफ कठोर कदम उठाते रहेंगे।
इस घटना से यह भी स्पष्ट होता है कि पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच सहयोग आवश्यक है। अगर लोग समय-समय पर जानकारी साझा करें, तो ऐसी अवैध गतिविधियों को काफी हद तक रोका जा सकता है। पुलिस ने कहा है कि वे इस मामले में पूरी गंभीरता से जांच करेंगे और सभी आवश्यक कदम उठाएंगे ताकि आरोपी जल्द से जल्द न्याय के कटघरे में आ सकें।
पुलिस की इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों में एक आशा की किरण जगी है कि प्रशासन उनकी सुरक्षा के प्रति गंभीर है। उन्हें उम्मीद है कि आगे भी इस तरह की कार्यवाही जारी रहेगी, जिससे समाज में कानून का राज स्थापित हो सके।


