क्राइमदेशसाइबर अटैक

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के साथ धोखाधड़ी का नया जाल – ओटीपी मांगकर बैंक खातों से निकाले जा रहे रुपये

धोखाधड़ी करने वाले बना रहे हैं पोषण ट्रैकर की जानकारी का दुरुपयोग, गर्भवती महिलाओं को वित्तीय मदद का झांसा देकर हो रही लूट

एडिटर,भारत न्यूज लाइव

लखनऊ से फोन कर मांगी जा रही है लाभार्थियों की जानकारी

हाल ही में कई आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को एक अनजान नंबर से फोन कॉल्स आ रहे हैं, जिनमें फोन करने वाले खुद को लखनऊ से बताकर यह दावा कर रहे हैं कि वे उच्च स्तर से आए हुए हैं और कार्यकर्ताओं की शिकायतों के समाधान में मदद कर रहे हैं। वे गर्भवती और धात्री महिलाओं के खातों में 6,000 रुपये जमा करने का झांसा दे रहे हैं।

लाभार्थियों से कांफ्रेंस में लेकर की जा रही है बात

कॉल करने वाले न केवल कार्यकर्ताओं से लाभार्थियों की जानकारी मांग रहे हैं, बल्कि कांफ्रेंस कॉल में लाभार्थियों से सीधा संपर्क साध रहे हैं। उनके पास न केवल लाभार्थियों की पूरी जानकारी है, बल्कि कार्यकर्ताओं का पोषण ट्रैकर ऐप में पंजीकृत संपर्क विवरण भी मौजूद है।

OTP लेकर बैंक खातों से निकल रहे हैं रुपये

धोखाधड़ी करने वाले लाभार्थियों को 6,000 रुपये भेजने का झांसा देकर उनसे OTP मांगते हैं। दुर्भाग्य से, एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से एक गर्भवती महिला से संपर्क कर धोखेबाजों ने 9,000 रुपये उसके बैंक खाते से निकलवा लिए। ऐसे फोन कॉल्स अन्य सेक्टर की कार्यकर्ताओं के पास भी आ रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि यह एक व्यापक जाल है।

पोषण ट्रैकर ऐप से डेटा लीक की आशंका

धोखेबाजों के पास कार्यकर्ताओं और लाभार्थियों की विस्तृत जानकारी, जैसे उनके पुराने और वर्तमान पंजीकृत नंबर, मौजूद हैं। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि इन जानकारियों का स्रोत पोषण ट्रैकर ऐप हो सकता है, जिसे कार्यकर्ताओं द्वारा डाउनलोड किया गया है। यह 99% संभावना है कि डेटा इस एप्लिकेशन के माध्यम से लीक हुआ हो सकता है, जिससे ऐसी धोखाधड़ी के मामलों का सामना करना पड़ रहा है।

अधिकारियों को तुरंत कार्यवाही की आवश्यकता

इस घटना से साफ है कि धोखाधड़ी के तरीकों में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। प्रशासन और संबंधित विभाग को इस गंभीर समस्या पर तुरंत ध्यान देना चाहिए और जांच करनी चाहिए कि आखिर यह डेटा लीक कैसे हो रहा है। साथ ही, कार्यकर्ताओं और लाभार्थियों को जागरूक करते हुए उन्हें किसी भी अनजान व्यक्ति को ओटीपी या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करने की सलाह देनी चाहिए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *