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दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में अवैध हथियार तस्करी के जाल को तोड़ने के लिए पुलिस ने 18 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह बड़ी कार्रवाई एडिशनल सीपी संजय भाटिया और डीसीपी (क्राइम) बिशम सिंह के नेतृत्व में हुई। ऑपरेशन का प्लान एक गुप्त सूचना पर आधारित था, जिसमें दो संदिग्धों, अरशद और मोहम्मद सुलेमान, की योजना का पता चला जो नोएडा में डकैती की फिराक में थे। पुलिस ने पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर पेपर मार्केट में इन दोनों को पकड़ने के लिए छापेमारी की। कार रोकने पर दोनों ने विरोध किया, लेकिन आखिरकार उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उनके पास से एक पिस्टल, गोलियां, चाकू और चोरी की कार बरामद की गई।
छुपे रुस्तम निकले होटल-क्लीनर और सिक्योरिटी गार्ड
पुलिस की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि गिरफ्तार किए गए कई आरोपियों ने अपनी पहचान छुपाने के लिए होटल क्लीनर, सैलून वर्कर, मजदूर, और सिक्योरिटी गार्ड जैसे साधारण कामों का सहारा लिया। लेकिन असलियत में वे लोग अवैध हथियार सप्लाई के धंधे में लगे हुए थे। दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमिश्नर देवेश श्रीवास्तव के अनुसार, “इन गिरफ्तारियों ने दिल्ली और एनसीआर में अवैध हथियार सप्लाई चैन को एक बड़ा झटका दिया है।”
गिरोह का बड़ा सरगना और आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार आरोपियों में कई कुख्यात गिरोहों के सदस्य भी शामिल हैं, जिनमें मदन गैंग का नाम प्रमुखता से सामने आया है। बताया जा रहा है कि गैंग का सरगना मदन, जो कि हत्या और हत्या के प्रयास जैसे मामलों में जेल में बंद है, वहीं से अपने गिरोह का संचालन कर रहा था। मदन के खिलाफ 12 से ज्यादा गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
अवैध हथियार सप्लाई पर बड़ा प्रहार
ऑपरेशन “ईगल” ने अवैध हथियारों के तस्करी नेटवर्क को हिला कर रख दिया है। दिल्ली पुलिस का यह कदम दिल्ली-एनसीआर में सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।


