भारत के दो अंतरिक्ष यात्री ISS मिशन के लिए तैयार: प्रारंभिक प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा

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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने घोषणा की है कि आगामी Axiom-4 मिशन के लिए चुने गए दो भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों ने अपने प्रारंभिक प्रशिक्षण का चरण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह मिशन भारत और NASA की संयुक्त पहल का हिस्सा है, जिसके तहत एक भारतीय अंतरिक्ष यात्री 2024 के अप्रैल तक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर उड़ान भर सकता है।
गगनयात्रियों का परिचय और प्रारंभिक प्रशिक्षण
इस मिशन के लिए चुने गए गगनयात्री प्राइम ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला और बैकअप ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालाकृष्णन नायर हैं। दोनों ने अगस्त 2024 के पहले सप्ताह से अमेरिका में अपना प्रशिक्षण शुरू किया। इस चरण के दौरान उन्होंने निम्नलिखित प्रमुख गतिविधियां पूरी कीं:
- ग्राउंड फैसिलिटी का भ्रमण और मिशन लॉन्च प्रक्रिया का परिचय।
- स्पेसएक्स सूट का फिटिंग परीक्षण और अंतरिक्ष में उपयोग होने वाले विशेष भोजन का चयन।
- स्पेसएक्स ड्रैगन अंतरिक्षयान और ISS के विभिन्न ऑनबोर्ड सिस्टम्स का परिचय।
- अंतरिक्ष से फोटोग्राफी, दैनिक दिनचर्या, और संचार प्रोटोकॉल का प्रशिक्षण।
आपातकालीन स्थितियों का प्रशिक्षण
इस चरण की मुख्य विशेषता अंतरिक्ष में संभावित आपातकालीन स्थितियों, जैसे चिकित्सा आपातकाल, के लिए प्रशिक्षण थी।
आगामी प्रशिक्षण और वैज्ञानिक अनुसंधान
अगले चरण में गगनयात्री ISS के अमेरिकी ऑर्बिटल सेगमेंट के अन्य मॉड्यूल और माइक्रोग्रैविटी वातावरण में वैज्ञानिक अनुसंधान प्रयोगों पर ध्यान केंद्रित करेंगे। इसके अलावा, स्पेसएक्स ड्रैगन अंतरिक्षयान में विभिन्न मिशन परिदृश्यों का अभ्यास किया जाएगा।
भारत का अंतरिक्ष मिशन में बढ़ता योगदान
विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने अगस्त में कहा था कि यह मिशन भारत के अंतरिक्ष प्रयासों को नई ऊंचाई पर ले जाएगा। NASA और ISRO की इस संयुक्त पहल के तहत, भारत का अंतरिक्ष यात्री अगले साल अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर उड़ान भरने के लिए तैयार है।
निष्कर्ष
यह मिशन न केवल भारत की अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाएगा, बल्कि गगनयान परियोजना के तहत भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में ऐतिहासिक उपलब्धि भी जोड़ देगा।


