
एडिटर , भारत न्यूज़ लाइव
उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उपभोक्ता अब यूपीसीएल के टोल-फ्री नंबर 1912 पर आपूर्ति से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, साथ ही स्मार्ट मीटर के बारे में भी जानकारी ले सकते हैं। इस पहल के तहत 63 पुरुष और 42 महिला कर्मचारी तीन पालियों में सेवाएं दे रहे हैं। बिजली संबंधी शिकायतें टोल-फ्री नंबर के माध्यम से संबंधित विभागों तक पहुंचाई जाती हैं, जिससे शिकायतों का निस्तारण अधिक आसानी से होता है। उपभोक्ताओं को शिकायत दर्ज कराने पर शिकायत संख्या दी जाती है।
स्मार्ट मीटर के फायदे:
स्मार्ट प्रीपेड मीटर के जरिए उपभोक्ता अपने मोबाइल फोन से मीटर का संचालन कर सकते हैं और न्यूनतम सौ रुपये का रिचार्ज भी करवा सकते हैं। इसके बाद, गलत बिलिंग की समस्या से बचने के लिए उपभोक्ताओं को कार्यालय के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी। उपभोक्ता अपनी आवश्यकता के अनुसार विद्युत का उपयोग कर सकेंगे और पहले की तरह जमानत राशि की परेशानी से भी निजात मिल जाएगी। जिन उपभोक्ताओं ने पहले जमानत राशि जमा की है, उनके रिचार्ज में यह राशि जोड़ दी जाएगी। यदि मीटर खराब हो जाता है, तो उसकी सूचना तुरंत ऊर्जा निगम को मिल जाएगी और प्राथमिकता के आधार पर निशुल्क मीटर बदलने की कार्रवाई की जाएगी।
उपभोक्ताओं को मिलेगी सुविधा:
यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार ने बताया कि उपभोक्ताओं को पुराने मीटरों की जगह नए स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को पारदर्शी और सुविधाजनक बिलिंग सेवा प्रदान करना है। स्मार्ट प्रीपेड मीटर के जरिए उपभोक्ता बिजली की खपत के हिसाब से रिचार्ज कर सकेंगे, जिससे बिलिंग की असुविधाओं से राहत मिलेगी।
स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों का समाधान:
इसके अतिरिक्त, यूपीसीएल ने एक 24 घंटे चलने वाला केंद्रीयकृत कॉल सेंटर भी स्थापित किया है, जहां उपभोक्ता बिजली से संबंधित शिकायतों के साथ-साथ स्मार्ट मीटर से जुड़ी जानकारियां भी प्राप्त कर सकते हैं। उपभोक्ता अपनी शिकायतों का ट्रैक भी मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से कर सकते हैं। कॉल सेंटर रोजाना 500 से अधिक समस्याओं का समाधान कर रहा है। यदि शिकायत का समाधान तुरंत नहीं होता, तो उपभोक्ता यूपीसीएल के स्थानीय शिकायत केंद्रों पर भी जाकर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।


