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उत्तर प्रदेश सरकार की योजना: एनसीआर के श्रमिकों को ₹1000 पोषण भत्ता

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए ₹1000 हफ्ते का पोषण भत्ता देने की योजना शुरू कर दी है। इस योजना से करीब 5 लाख पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को लाभ मिलेगा। सरकार इस योजना के तहत कुल ₹200 करोड़ खर्च करेगी, जिससे श्रमिकों को राहत मिलेगी, खासकर उन क्षेत्रों में जहां प्रदूषण ने रोजी-रोटी की समस्या पैदा कर दी है।

प्रदूषण के कारण सुप्रीम कोर्ट का आदेश

हाल ही में दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण की स्थिति काफी गंभीर हो गई थी, जिसके कारण कई स्कूलों को बंद कर दिया गया था और निर्माण कार्यों पर भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश से रोक लगा दी गई थी। कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया था कि इन श्रमिकों को भत्ता दिया जाए, ताकि उनकी रोजी-रोटी प्रभावित न हो।

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा भत्ते का वितरण शुरू

सरकार ने 8 नवंबर तक पंजीकृत श्रमिकों को चार सप्ताह का पोषण भत्ता देने का ऐलान किया था, जिसमें पहले दो सप्ताह के भत्ते की रकम श्रमिकों के खातों में भेजने का काम शुरू हो गया है। यूपी भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के माध्यम से यह धनराशि वितरित की जा रही है।

विशेष कैंपों का आयोजन

एनसीआर के विभिन्न जिलों में निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों के पंजीकरण के लिए विशेष कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। इसके लिए श्रम विभाग की मदद ली जाएगी, ताकि सभी श्रमिकों का पंजीकरण सही तरीके से हो सके और उन्हें भत्ते का लाभ मिल सके।

यह योजना एनसीआर क्षेत्र के लाखों श्रमिकों के लिए एक राहत का कारण बनेगी, खासकर प्रदूषण की स्थिति में, जब उनका काम प्रभावित हुआ था।

मुख्य बातें:

  • उत्तर प्रदेश सरकार ने एनसीआर के पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए ₹1000 हफ्ते का पोषण भत्ता देने का ऐलान किया है।
  • लगभग 5 लाख श्रमिकों को मिलेगा फायदा, कुल 200 करोड़ रुपये होंगे खर्च।
  • भत्ता वितरण की प्रक्रिया शुरू, श्रमिकों के खातों में भेजे जा रहे हैं पहले दो सप्ताह के भत्ते।
  • सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर प्रदूषण के कारण निर्माण कार्यों पर लगी रोक के बाद भत्ते का निर्णय।

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