गौरा ब्लॉक में ‘पोषण भी और पढ़ाई भी’ तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का समापन

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गौरा ब्लॉक में आयोजित तीन दिवसीय ‘पोषण भी और पढ़ाई भी’ प्रशिक्षण शिविर का समापन बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) श्रीमती बीनू सिंह द्वारा किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को पोषण और शिक्षा के महत्व के बारे में जागरूक करना और उन्हें बेहतर सेवा प्रदान करने के लिए प्रशिक्षित करना था। प्रशिक्षण के समापन के मौके पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए।
आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया
समापन समारोह में सदर CDPO श्री रविंद्र उपाध्याय ने तीन दिवसीय प्रशिक्षण में भाग लेने वाली आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए। यह प्रमाण पत्र उनके समर्पण और प्रशिक्षण में प्राप्त किए गए ज्ञान का प्रतीक था।
कार्यक्रम में मुख्य भूमिका में कई प्रमुख लोग
कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कर्मचारी संघ की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती सुषमा कुरील, ब्लॉक अध्यक्ष श्रीमती मनीषा सिंह, और जिला विशिष्ट उपाध्यक्ष श्रीमती कंचन यादव सहित कई महत्वपूर्ण व्यक्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करायी और इस प्रशिक्षण शिविर को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में अन्य उपस्थित सदस्यों में श्रीमती आशा देवी, श्रीमती अंजू सिंह, श्रीमती शिव कुमारी, और श्रीमती कुसुम शुक्ला का भी योगदान रहा।

पोषण और शिक्षा पर जोर दिया गया
कार्यक्रम के दौरान श्रीमती बीनू सिंह ने आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को पोषण और प्रारंभिक शिक्षा के महत्व पर विशेष ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों का बच्चों और माताओं के लिए सही पोषण और शिक्षा प्रदान करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी कार्यकत्रियों से अपील की कि वे इस प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान को अपने कार्यों में प्रभावी तरीके से लागू करें।
शिविर का समापन और भविष्य की दिशा
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रशिक्षित कार्यकत्रियों ने इस प्रशिक्षण को अपने कार्यक्षेत्र में लागू करने का संकल्प लिया। उन्होंने बच्चों के पोषण और शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर सेवाएं प्रदान करने का वादा किया। यह शिविर न केवल आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण शिक्षण अवसर साबित हुआ, बल्कि यह बच्चों और माताओं के बेहतर स्वास्थ्य और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी था।
‘पोषण भी और पढ़ाई भी’ प्रशिक्षण शिविर का समापन आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना और उनके कार्यक्षेत्र में सुधार लाने के लिए एक मजबूत कदम था।



