
शाहजहांपुर l होली के दौरान लाट साहब के जुलूस में कुछ हुड़दंगियों ने माहौल को खराब करने की कोशिश की। इस पारंपरिक जुलूस में दो अलग-अलग स्थानों पर उत्पात की घटनाएं सामने आईं। जुलूस से काफी पीछे नाचते-गाते झुंड में चल रहे कुछ युवाओं ने रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के जवानों पर जूते-चप्पल फेंके, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। जवाब में, आरएएफ ने हुड़दंगियों को दौड़ाकर पीटा और हालात को नियंत्रित करने की कोशिश की। हालांकि, शाहजहांपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) राजेश एस ने स्पष्ट किया कि पुलिस ने इस दौरान लाठीचार्ज जैसी कोई कार्रवाई नहीं की। उनके अनुसार, यह घटना महज कुछ शरारती तत्वों की हरकत थी, जिसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है।
एसपी राजेश एस ने कहा कि शाहजहांपुर में लाट साहब के जुलूस की परंपरा के तहत होली के मौके पर रंगों के साथ-साथ जूते-चप्पल फेंकने का भी रिवाज है। यह स्थानीय संस्कृति का हिस्सा माना जाता है। लेकिन इस बार एक स्थान पर चार-पांच बच्चों ने जुलूस में शामिल लोगों पर ईंटें फेंकीं, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। पुलिस ने हुड़दंगियों को खदेड़कर स्थिति को संभाला, लेकिन कुछ लोगों ने इसे लाठीचार्ज का नाम देकर झूठी अफवाह फैलाने की कोशिश की। एसपी ने जोर देकर कहा कि जुलूस के दौरान कहीं भी लाठीचार्ज नहीं हुआ। यह घटना सदर बाजार थाना क्षेत्र के खेरनीबाग इलाके में हुई, जहां भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया था। घंटाघर पर भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां हुड़दंगियों ने आरएएफ पर जूते-चप्पल फेंके, जिसके बाद फोर्स ने उन्हें खदेड़ दिया। इस कार्रवाई से जुलूस में शामिल हुरियारों में थोड़ी खलबली मच गई, लेकिन स्थिति जल्द ही सामान्य हो गई।
शुक्रवार को बड़े लाट साहब का जुलूस कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच निकाला गया। यह जुलूस सदर बाजार थाना क्षेत्र के पंखी चौराहे से शुरू होकर घंटाघर की ओर बढ़ा। घंटाघर पर भारी भीड़ जमा थी, और जैसे ही आरएएफ वहां पहुंची, कुछ लोगों ने फिर से जूते-चप्पल फेंकने शुरू कर दिए। इस दौरान आरएएफ ने संयम बरतते हुए केवल आवश्यक बल का प्रयोग किया और भीड़ को तितर-बितर कर दिया। पुलिस और प्रशासन ने इसे परंपरा का हिस्सा मानते हुए ज्यादा सख्ती नहीं दिखाई, लेकिन हुड़दंग को रोकने के लिए तत्परता से कदम उठाए।
यह घटना शाहजहांपुर की होली की अनूठी परंपरा को दर्शाती है, जहां उत्साह और उल्लास के साथ कुछ शरारतें भी देखने को मिलती हैं। हालांकि, पुलिस का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, लाट साहब का जुलूस हर साल धूमधाम से निकलता है, और इसमें शामिल होने वाले हुरियारे रंग-गुलाल के साथ अपनी मस्ती में डूबे रहते हैं। इस बार भी जुलूस ने अपनी परंपरा को कायम रखा, लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों की हरकतों ने इसे विवाद का विषय बना दिया। प्रशासन ने भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए और बेहतर तैयारी का भरोसा दिलाया है।
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