देशनई दिल्ली

नीट-यूजी पेपर लीक मामले पर सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच पहली औपचारिक वार्ता, जेपी नड्डा से मिला प्रतिनिधिमंडल।

विक्रम सिंह कठैत ( एडिटर) ,भारत न्यूज़ लाइव

नई दिल्ली। नीट-यूजी पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शन के बीच सोमवार को सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच पहली औपचारिक बातचीत हुई। इस दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। यह बैठक ऐसे समय हुई, जब बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी संसद की ओर मार्च कर रहे थे और मामले की निष्पक्ष जांच तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे।

प्रतिनिधिमंडल में सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका शामिल थे। दोनों नेताओं ने स्वास्थ्य मंत्री के साथ विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की और प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों से सरकार को अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करने की मांग रखी।

बैठक के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि सोमवार सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के साथ औपचारिक बातचीत का प्रस्ताव आया। उन्होंने कहा कि सुबह 11:50 बजे वार्ता शुरू हुई और दोनों पक्षों के बीच सौहार्दपूर्ण माहौल में चर्चा हुई। नड्डा ने कहा कि सरकार ने प्रतिनिधिमंडल की सभी मांगों और सुझावों को गंभीरता से सुना है तथा संबंधित बिंदुओं पर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है।

स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदर्शनकारियों से अपील की कि वे अपना धरना-प्रदर्शन समाप्त करें और सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि सरकार संवाद के माध्यम से समाधान निकालने के पक्ष में है और छात्रों तथा अभिभावकों की चिंताओं को पूरी संवेदनशीलता के साथ समझ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।

दूसरी ओर, प्रदर्शनकारी संगठनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस और समयबद्ध कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उनका आरोप है कि नीट-यूजी पेपर लीक प्रकरण ने लाखों छात्रों और उनके परिवारों का भरोसा प्रभावित किया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुधारों की आवश्यकता है।

सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई यह पहली औपचारिक वार्ता महत्वपूर्ण मानी जा रही है। माना जा रहा है कि यदि आगामी दौर की बातचीत में सकारात्मक प्रगति होती है तो लंबे समय से जारी गतिरोध समाप्त होने की संभावना बन सकती है। फिलहाल दोनों पक्ष आगे भी संवाद जारी रखने पर सहमत बताए जा रहे हैं, जबकि प्रदर्शनकारी सरकार की ओर से ठोस निर्णय और स्पष्ट आश्वासन का इंतजार कर रहे हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *