उत्तर प्रदेश में निवेश और रोजगार सृजन को लेकर बड़ा फैसला: DM और कमिश्नर की ACR में निवेश प्रदर्शन का होगा मूल्यांकन

भारत न्यूज़ लाइव
उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एक साहसिक कदम उठाया है, जिसमें प्रत्येक जिले में निवेश और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए जिला मजिस्ट्रेट (DM) और मण्डलायुक्त (कमिश्नर) की सक्रिय भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाया गया है। इस निर्णय के तहत, अब DM और कमिश्नर को अपने जिलों में हुए निवेश और सीडी रेशियों (क्रेडिट-डेपॉजिट अनुपात) की प्रगति का स्वतः मूल्यांकन करना होगा, जिसकी रिपोर्ट उनकी वार्षिक गोपनीय प्रविष्टि (ACR) में दर्ज की जाएगी। उत्तर प्रदेश ऐसा कदम उठाने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।
प्रगति के आधार पर ग्रेडिंग, बेहतरीन प्रदर्शन पर सम्मान
मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने बताया कि DM और कमिश्नर की ACR में उनके जिलों में हुए निवेश की सफलता को एक अलग पैमाने पर मापा जाएगा। बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को न केवल सराहना मिलेगी, बल्कि उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा। अगले दो-तीन हफ्तों में यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी, जिससे उत्तर प्रदेश की औद्योगिक और आर्थिक प्रगति को नई दिशा मिलेगी।
औद्योगिक निवेश और रोजगार प्रोत्साहन नीति के तहत प्रयास
राज्य सरकार औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन के लिए सक्रिय रूप से प्रयासरत है और इसके लिए औद्योगिक निवेश और रोजगार प्रोत्साहन नीति, साथ ही 25 सेक्टोरल पॉलिसीज़ लांच की गई हैं। इन नीतियों के तहत DM और कमिश्नर का कार्यक्षेत्र भूमि उपलब्धता, भूमि उपयोग परिवर्तन, और आवश्यक अनुमतियों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि निवेश प्रक्रिया को तेज और प्रभावी बनाने के लिए हर स्तर पर उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
जनपदीय एवं मण्डलीय क्षेत्रों में निगरानी की नई भूमिका
DM और मण्डलायुक्त अब अपने क्षेत्रों में बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों के कार्यों का निकट से पर्यवेक्षण करेंगे। इसके अलावा, कृषि क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश ने महाराष्ट्र के बाद देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है।



