झांसी मेडिकल कॉलेज में नवजातों की मौत: आग लगने से मचा कोहराम

एडिटर , भारत न्यूज़ लाइव
उत्तर प्रदेश l झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार रात एक दर्दनाक हादसा हुआ। मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबोर्न केयर यूनिट) में आग लगने से 10 नवजातों की मौत हो गई, जबकि कई बच्चों की हालत नाजुक बनी हुई है। हादसे के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और बचाव कार्य के लिए प्रशासन, दमकल और सेना की टीमें मौके पर पहुंची।

घटना का समय और घटनाक्रम:
- 10:05 बजे – एक महिला नवजात को दूध पिलाते हुए चीखते हुए बाहर निकली।
- 10:08 बजे – डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ ने अंदर जाकर स्थिति का जायजा लिया, लेकिन तब तक धुआं भर चुका था।
- 10:10 बजे – चीखपुकार मच गई और परिजन अपने नवजातों को लेकर भागने लगे।
- 10:20 बजे – तेज धुएं के बावजूद कुछ परिजन अंदर घुसने का प्रयास करने लगे, लेकिन उन्हें अंदर जाने में कठिनाई हुई, जिसके बाद उन्होंने जोर-जोर से चीखना शुरू कर दिया।
- 10:24 बजे – दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया।
- 10:27 बजे – मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य की निगरानी शुरू की।
- 10:30 बजे – दमकल विभाग ने खिड़कियां तोड़कर फॉग और पानी का छिड़काव शुरू किया।
- 10:35 बजे – जिलाधिकारी (डीएम), एसएसपी, मंडलायुक्त और डीआईजी घटनास्थल पर पहुंचे।
- 10:40 बजे – सेना की गाड़ियां भी मौके पर पहुंची और आग बुझाने में मदद की।
- 10:50 बजे – आग पर काबू पाया गया और डॉक्टरों ने बचाए गए नवजातों को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया।
- 11:20 बजे – डीएम, मंडलायुक्त और डीआईजी ने 10 बच्चों की मौत की पुष्टि की।

आग लगने का कारण:
शुरुआती जानकारी के अनुसार, आग शार्ट सर्किट के कारण लगी, जो ऑक्सीजन कंसनट्रेटर से जुड़ी हुई थी। आग फैलते ही एसएनसीयू वार्ड में भयंकर धुआं भर गया और वहां भर्ती नवजातों की जान खतरे में पड़ गई। आग इतनी भीषण थी कि कोई भी व्यक्ति वार्ड के अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका।
बचाव कार्य:
दस नवजातों की मौत के बावजूद 45 अन्य नवजातों को सुरक्षित निकाल लिया गया। बचाव कार्य में दमकल विभाग, पुलिस और सेना की टीमों ने संयुक्त प्रयास किया। अस्पताल के स्टाफ ने भी अपनी जान जोखिम में डालकर कई नवजातों को बाहर निकाला।

प्रशासन की प्रतिक्रिया:
झांसी के जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने बताया कि एसएनसीयू में भर्ती नवजातों में से जिनकी हालत गंभीर थी, उन्हें बाहर से निकाला गया, जबकि जिनकी हालत ज्यादा नाजुक नहीं थी, उन्हें बचा लिया गया।
यह हादसा झांसी और पूरे प्रदेश के लिए गहरा आघात है, और प्रशासन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच के आदेश दे दिए हैं।




