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जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने नवदुर्गा मंदिर सौंदर्यीकरण कार्यों की समीक्षा कर दिए आवश्यक निर्देश l

विक्रम सिंह कठैत ( एडिटर) ,भारत न्यूज़ लाइव

नई टिहरी। जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल सुश्री नितिका खण्डेलवाल ने शुक्रवार को नई टिहरी स्थित नवदुर्गा मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण कार्य की प्रगति की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं विकास से जुड़े कार्यों की विस्तृत जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि नवदुर्गा मंदिर क्षेत्र का धार्मिक, ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्व है। यह केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि टिहरी जनमानस की सांस्कृतिक पहचान भी है। ऐसे में मंदिर परिसर का विकास इस प्रकार किया जाए कि यह धार्मिक पर्यटन का एक आकर्षक केंद्र बन सके और यहां आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा एवं सौंदर्य का अनुभव हो। उन्होंने निर्देश दिए कि मंदिर परिसर की सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग क्षेत्र, प्रवेश द्वार, और दर्शक सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर सुधारा जाए।

उन्होंने कहा कि पुरानी टिहरी की ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पुराने टिहरी शहर से संबंधित प्राचीन मंदिरों, मूर्तियों, दस्तावेजों, और पारंपरिक वस्तुओं को म्यूजियम के रूप में सुरक्षित संरक्षित किया जाए, ताकि नई पीढ़ी टिहरी की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ सके। उन्होंने कहा कि यह म्यूजियम क्षेत्र के धार्मिक पर्यटन को भी नया आयाम देगा।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने मंदिर में स्मार्ट लाइटिंग और आकर्षक प्रकाश व्यवस्था को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मंदिर की प्राकृतिक सुंदरता को ध्यान में रखते हुए सोलर लाइटिंग सिस्टम लगाया जाए, जिससे रात के समय मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र आकर्षक दिखाई दे तथा श्रद्धालुओं को सुविधाजनक वातावरण मिले।

इस अवसर पर आर्किटेक्ट प्रशांत बर्तवाल ने मंदिर सौंदर्यीकरण परियोजना से संबंधित साइट लेआउट प्लान का विस्तृत प्रस्तुतीकरण (प्रेजेंटेशन) दिया। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के तहत मंदिर परिसर में शेल्टर, प्रवेश द्वार (गेट), पार्किंग एरिया, शौचालय, व्यू प्वाइंट रेलिंग, पहाड़ी तिबारी, पुतकालय (पुस्तकालय), धर्मशाला मरम्मत कार्य, मंदिर पेंटिंग और सजावट कार्य शामिल हैं।

बर्तवाल ने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य नवदुर्गा मंदिर को आधुनिक सुविधाओं से युक्त करते हुए उसकी पारंपरिक पहचान को सुरक्षित रखना है। प्रस्तावित विकास कार्यों के तहत स्थानीय स्थापत्य कला और प्राकृतिक सौंदर्य का विशेष ध्यान रखा जाएगा, ताकि यह स्थल धार्मिक आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक और पर्यटक दृष्टि से भी आकर्षक बन सके।

जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने निर्देश दिए कि सभी कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और क्षेत्र के लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि योजना लोगों की जरूरतों और भावनाओं के अनुरूप हो। उन्होंने कहा कि मंदिर के आसपास हरियाली बढ़ाने, पौधारोपण करने और बैठने की व्यवस्था को भी बेहतर बनाया जाए।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि मंदिर तक पहुंचने वाले मार्गों का सौंदर्यीकरण किया जाए तथा सड़क संकेतक (साइन बोर्ड) लगाए जाएं, जिससे श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि कार्यों की समीक्षा नियमित रूप से की जाएगी और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

बैठक में नगर पालिका, लोक निर्माण विभाग, पर्यटन विभाग, विद्युत विभाग, और संबंधित परियोजना टीम के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि नवदुर्गा मंदिर सौंदर्यीकरण परियोजना के माध्यम से न केवल मंदिर परिसर की छवि बदलेगी बल्कि यह परियोजना धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह क्षेत्र टिहरी झील और आसपास के पर्यटन स्थलों के साथ जुड़कर एक नया आकर्षण केंद्र बनेगा।

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