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इकबालपुर: इकबालपुर शुगर मिल में पेराई सत्र में हो रही देरी के कारण इस मिल से जुड़े हजारों किसान गेहूं की बुवाई में परेशानियों का सामना कर रहे हैं। जबकि लिब्बरहेडी और लक्सर शुगर मिलों में पेराई सत्र पहले ही शुरू हो चुका था और वहां के किसानों ने गेहूं की बुवाई के लिए गन्ना छिलाई की प्रक्रिया पहले से ही शुरू कर दी थी, वहीं इकबालपुर शुगर मिल में अभी तक पेराई सत्र की शुरुआत नहीं हो पाई है। इससे इस मिल से जुड़े किसान मजबूरन अपने गन्ने को अन्य मिलों के क्रय केंद्रों और कोल्हूओं में बेचने के लिए विवश हो रहे हैं।
लक्सर और लिब्बरहेड़ी शुगर मिलों में पहले से पेराई शुरू हो जाने के बाद वहां के किसानों ने अपने गन्ने को इन मिलों में बेचकर गेहूं की बुवाई शुरू कर दी है, जबकि इकबालपुर मिल के किसान अब भी इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में इन किसानों को समय से बुवाई करने के लिए गन्ना बेचने के लिए अन्य मिलों का रुख करना पड़ रहा है। किसान अब अपनी समस्याओं के समाधान के लिए समितियों के पास भी पहुंच रहे हैं और मिलों के सेंटर बदलने की प्रक्रिया में लगे हुए हैं।
किसानों की समस्याओं को देखते हुए, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक बीके चौधरी ने बताया कि लक्सर और लिब्बरहेड़ी मिलों में तौल केंद्रों का आवंटन कर दिया गया है और वहां तौल प्रक्रिया शुरू हो गई है। हालांकि, इकबालपुर मिल में पेराई सत्र को चालू होने में अब एक सप्ताह तक का समय लग सकता है। ऐसे में किसान अपनी सुविधानुसार अन्य मिलों में गन्ना आपूर्ति कर सकते हैं।
उन्हें आश्वासन दिया गया है कि जैसे ही इकबालपुर मिल में पेराई सत्र शुरू होगा, किसान अपनी आपूर्ति वहां से फिर से जारी कर सकते हैं। फिलहाल, किसानों के सेंटर और मिल परिवर्तन की प्रक्रिया समितियों द्वारा की जा रही है।
इस समय किसानों के लिए यह एक जटिल और मुश्किल समय है, और उनका उम्मीद है कि जल्द ही समस्या का समाधान होगा ताकि वे समय पर अपने खेतों में गेहूं की बुवाई कर सकें।


