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उन्नाव पुलिस: कर्मियों पर नकेल कसने के लिए जीपीएस निगरानी

नई पहल: वाहनों में जीपीएस प्रणाली से होगी कड़ी निगरानी

भारत न्यूज़ लाइव

उन्नाव: उन्नाव जिले के एसपी दीपक भूकर ने पुलिस कर्मियों की जवाबदेही और कार्य प्रणाली की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक नई पहल शुरू की है। इस पहल के तहत जिले की 112 मोबाइल बाइकों में जीपीएस (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) लगाए गए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य पुलिस कर्मियों की गतिविधियों पर नज़र रखना और सही समय पर उनकी लोकेशन का पता लगाना है।

पारदर्शिता बढ़ाने की जरूरत: गलत जानकारी देने पर होगी सख्त कार्यवाही
कुछ महीनों से लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी लोकेशन को लेकर गलत जानकारी दे रहे हैं। एसपी भूकर ने इसे गंभीरता से लेते हुए निर्णय लिया कि पुलिस कर्मियों की वास्तविक लोकेशन को जीपीएस के माध्यम से ट्रैक किया जाएगा। अगर कोई पुलिसकर्मी गलत जानकारी देता है, तो उनके खिलाफ तुरंत कार्यवाही की जाएगी।

पहले चरण में 112 चौपहिया वाहनों में लगाए गए जीपीएस
एसपी के निर्देश पर पहले जिले की 112 मोबाइल चौपहिया वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाया गया था। इसके बाद 27 मोबाइल बाइकों में भी यह प्रणाली लागू की गई है। इसके अलावा, थानों की प्रमुख गाड़ियों और सेकेंड मोबाइल वाहनों में भी जीपीएस सिस्टम इंस्टॉल किया गया है, ताकि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की सही लोकेशन का पता चल सके।

पुलिसकर्मियों की कार्यशैली में जवाबदेही और अनुशासन
एसपी ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य पुलिस प्रणाली को अधिक जवाबदेह बनाना है। जीपीएस की मदद से पुलिसकर्मी अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहेंगे और जनता के विश्वास को बनाए रखने में सक्षम होंगे। इस पहल से पुलिस अधिकारियों के बीच एक नई जिम्मेदारी का एहसास होगा और वे अपने काम के प्रति अधिक उत्तरदायी बनेंगे।

जनता में स्वागत, अन्य जिलों के लिए एक मिसाल

पारदर्शिता और अपराध नियंत्रण में मददगार
जीपीएस प्रणाली लागू होने के बाद जिले की जनता ने भी इस कदम का स्वागत किया है। लोग मानते हैं कि इससे पुलिस की गतिविधियों में पारदर्शिता आएगी, जो अपराधों की रोकथाम में सहायक सिद्ध हो सकती है।

अन्य जिलों में भी लागू हो सकती है यह पहल
उन्नाव एसपी की यह पहल अन्य जिलों के लिए भी एक मिसाल बन सकती है, जहां पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की जरूरत महसूस की जा रही है। इससे अन्य जिलों में भी पुलिसिंग की प्रभावशीलता बढ़ने की उम्मीद है।

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