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हैदराबाद : तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में भीषण सड़क हादसा, 19 लोगों की मौत, कई गंभीर रूप से घायल

एडिटर , भारत न्यूज़ लाइव

हैदराबाद l तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में भीषण सड़क हादसा, 19 लोगों की मौत, कई गंभीर रूप से घायलतेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में सोमवार को एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ, जिसने पूरे राज्य को स्तब्ध कर दिया। इस भयानक दुर्घटना में 19 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में 8 पुरुष, 10 महिलाएं और एक बच्चा शामिल है। हादसा इतना दर्दनाक था कि राहत दल के पहुंचने तक कई यात्री बस के अंदर फंसे हुए थे और उनकी सांसें थम चुकी थीं।

यह हादसा रंगारेड्डी जिले के चेवेल्ला मंडल के मिर्जागुडा गांव के पास उस समय हुआ, जब बजरी से लदा एक भारी-भरकम टिपर ट्रक, तंदूर डिपो की एक आरटीसी बस से तेज रफ्तार में टकरा गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रक में भरी बजरी सीधे बस पर आ गिरी, जिसके कारण बस के अंदर सवार यात्री दब गए और कई यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई।

हैदराबाद : तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में भीषण सड़क हादसा
बजरी के नीचे दबकर बस सवार 19 यात्रियों की मौत. (bharatnewslive.in)

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आरटीसी बस तंदूर से करीब 70 यात्रियों को लेकर हैदराबाद जा रही थी। बस में सवार यात्रियों में छात्र, दफ्तरों में काम करने वाले कर्मचारी और कुछ ग्रामीण भी शामिल थे। रविवार को छुट्टी होने के कारण छात्र अपने घरों से वापस हैदराबाद लौट रहे थे। जैसे ही बस मिर्जागुडा गांव के पास पहुंची, सामने से तेज रफ्तार में आती बजरी लदी टिपर ने बस को सीधी टक्कर मार दी। टक्कर के बाद ट्रक का भारी भार बस की छत पर गिर गया, जिससे बस पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और यात्रियों की चीख-पुकार मच गई।

हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका भी नहीं मिला। कई यात्रियों के शरीर बजरी के नीचे दब गए। हादसे के बाद चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई और आसपास के ग्रामीण मौके पर दौड़ पड़े।

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग, आपदा प्रबंधन दल और एंबुलेंस की टीम मौके पर पहुंची। राहतकर्मियों को यात्रियों को बस से बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी क्योंकि बस बजरी के ढेर में दब चुकी थी। जेसीबी मशीनों और क्रेन की मदद से बजरी हटाई गई और बस को काटकर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला गया।

कई लोग दम घुटने से मरे, जबकि कुछ गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बस में सवार 70 यात्रियों में से 19 की मौत हो चुकी है और कम से कम 30 लोग घायल हैं। इनमें कई की हालत नाजुक बनी हुई है।

घटना स्थल पर मौजूद पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि तुरंत राहत कार्य शुरू नहीं होता, तो मृतकों की संख्या और ज्यादा हो सकती थी। स्थानीय लोगों ने भी मौके पर पहुंचकर घायलों को बाहर निकालने और उन्हें अस्पताल भेजने में मदद की।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने इस दिल दहला देने वाली दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने ट्वीट और आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि यह हादसा बेहद दुखद और पीड़ादायक है। मुख्यमंत्री ने तुरंत ही डीजीपी, मुख्य सचिव और संबंधित अधिकारियों से बात कर राहत एवं बचाव कार्य तेज करने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी घायलों को हैदराबाद के बड़े अस्पतालों में शिफ्ट कर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने का आदेश दिया।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि मौके पर पर्याप्त संख्या में एंबुलेंस, डॉक्टर और चिकित्सा कर्मी तैनात किए जाएं। उन्होंने अपने मंत्रिमंडल के कुछ सदस्यों को भी घटनास्थल पर तुरंत पहुंचने का आदेश दिया ताकि राहत कार्यों की निगरानी की जा सके।

सरकार ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया है। साथ ही हादसे की जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं, ताकि यह पता चल सके कि दुर्घटना लापरवाही का नतीजा थी या वाहन में तकनीकी खराबी थी।

घटनास्थल से मिली जानकारी के अनुसार बस में सवार ज्यादातर यात्री छात्र और दफ्तरों में काम करने वाले युवक-युवतियां थे। ये सभी लोग रविवार के अवकाश के बाद हैदराबाद लौट रहे थे। छात्रों के परिवारों में हादसे की खबर सुनते ही कोहराम मच गया। कई अभिभावक अस्पतालों और दुर्घटनास्थल पर पहुंच गए। कुछ अभिभावक अपने बच्चों को ज़िंदा देखकर रो पड़े, जबकि कुछ को अपने बच्चों की लाशें मिलीं।

पुलिस के शुरुआती अनुमान के अनुसार हादसे के पीछे सबसे बड़ी वजह तेज रफ्तार और लापरवाही को माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि बजरी से भरा ट्रक ओवरलोड था और काफी स्पीड में था। ऐसे में ड्राइवर बस को देखकर समय पर ब्रेक नहीं लगा पाया। इसके अलावा जिस स्थान पर हादसा हुआ, वह सड़क का मोड़ था, जहां बड़े वाहनों को नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि इस मार्ग पर आए दिन भारी वाहनों की तेज रफ्तार के कारण दुर्घटनाएं होती रहती हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क पर स्पीड ब्रेकर बनाने, भारी वाहनों पर नियंत्रण लगाने और सड़क सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने की मांग की है।

दुर्घटना में घायल लोगों को पहले नजदीकी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन गंभीर घायलों को तुरंत हैदराबाद रेफर किया गया। अस्पतालों में इमरजेंसी वार्ड भर गए हैं। कई डॉक्टर बिना रुके इलाज में लगे हैं। कुछ घायल अभी भी बेहोशी की हालत में हैं। कई घायलों की हालत चिंताजनक बनी हुई है, जिनके लिए डॉक्टरों ने अगले 24 घंटे बेहद महत्वपूर्ण बताए हैं।

दुर्घटना स्थल और अस्पतालों में बेहद भावुक दृश्य देखने को मिले। कई परिवार अपने प्रियजनों को पहचानने के लिए पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे। कुछ लोग सिर्फ कपड़ों और पहचान पत्रों के सहारे अपने परिजनों को पहचान पाए। एक ही परिवार के तीन सदस्यों के मरने की खबर ने लोगों की आंखें नम कर दीं।

हैदराबाद : तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में भीषण सड़क हादसा
बजरी के नीचे दबकर बस सवार 19 यात्रियों की मौत. (bharatnewslive.in)

एक महिला, जिसके बेटे और बेटी दोनों बस में सवार थे, बेसुध होकर रोती रही। बेटी की मौत हो गई, जबकि बेटा वेंटिलेटर पर है। ऐसा ही एक मामला उस परिवार का सामने आया जिसमें शादी की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन घर में अब मातम पसरा है।

यह हादसा सड़क सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े करता है। एक तरफ ओवरलोडेड भारी वाहन, दूसरी तरफ बस में सीट से अधिक यात्री — दोनों ही राज्य के ट्रांसपोर्ट सिस्टम की खामियों को उजागर करते हैं। लोगों का कहना है कि अधिकारी तब तक सक्रिय नहीं होते, जब तक जानें नहीं चली जातीं।

स्थानीय लोगों ने कहा कि अगर समय रहते इस सड़क पर ट्रैफिक नियंत्रण के इंतजाम किए गए होते, तो शायद यह हादसा टल सकता था। कई लोगों ने ट्रक मालिकों व ड्राइवरों पर भी कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

19 लोगों की मौत वाला यह सड़क हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक चेतावनी है — सड़क सुरक्षा, वाहन नियंत्रण, सरकारी निगरानी और ट्रैफिक कानूनों के पालन का महत्व बार-बार इसी तरह के हादसों में याद दिलाया जाता है। हर दुर्घटना के बाद सरकारें जागती हैं, लेकिन कुछ ही दिनों बाद हालात फिर पहले जैसे हो जाते हैं।

फिलहाल पीड़ित परिवार सदमे में हैं, घायलों का इलाज चल रहा है और कई लोग अभी भी दहशत में हैं। उम्मीद की जा रही है कि इस घटना से सबक लिया जाएगा और राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा… ताकि ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।

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