मध्य प्रदेश के मऊगंज में शिक्षक ने कक्षा 3 के छात्र को मृत घोषित किया, फिर अंतिम संस्कार में शामिल होने निकला, खुलासा हुआ – छात्र जीवित है!

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मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के मऊगंज से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक शिक्षक ने अपनी गलती से कक्षा 3 के छात्र को मृत घोषित कर दिया और फिर छात्र के कथित अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए छुट्टी ली। यह घटनाक्रम मऊगंज के चिकीरी का तोता सरकारी प्राथमिक विद्यालय का है, जो भोपाल से लगभग 600 किलोमीटर दूर स्थित है।
यह अजीब घटना तब सामने आई जब 7 नवंबर को शिक्षक हीरालाल पटेल ने स्कूल के आधिकारिक रजिस्टर में एक ग़लत प्रविष्टि की। उन्होंने लिखा कि छात्र जितेंद्र कोरी का निधन हो गया है और वह उसके अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहे हैं। शिक्षक की यह चूक तब ध्यान में आई जब छात्र के पिता राम सरोज कोरी ने 28 नवंबर को यह जानकारी सोशल मीडिया पर देखी, जिससे परिवार में हड़कंप मच गया।
शिक्षक ने किया अपनी गलती का स्वीकार
शिक्षक ने जब यह गलती की तो उसने अपनी स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि वह मधुमेह (डायबिटीज) के मरीज हैं और तबियत खराब होने के कारण उसे यह गलती हुई। हालांकि, यह घटना जितेंद्र के परिवार और गांव वालों के लिए एक बड़ा झटका बन गई, क्योंकि यह ग़लतफहमी ने पूरे गांव में अफरातफरी मचा दी थी।
क्या था असली कारण?
इस घमंड में कोई शक नहीं था कि शिक्षक ने जितेंद्र के दादा हरिवंश कोरी की मृत्यु और पोते की मृत्यु के बीच भ्रमित होकर यह ग़लत प्रविष्टि की थी। दरअसल, हरिवंश कोरी का निधन हुआ था, लेकिन शिक्षक ने गलत नाम लिखते हुए जितेंद्र को मृत घोषित कर दिया।
परिवार में असंतोष, शिक्षक के खिलाफ कार्यवाही
जितेंद्र के परिवार को इस घटना से गहरी चोट पहुंची, और पूरे गांव में यह घटना चर्चा का विषय बन गई। इस मामले के सामने आने के बाद शिक्षक हीरालाल पटेल को निलंबित कर दिया गया है।
यह घटना ना केवल शिक्षा जगत के लिए एक शर्मनाक स्थिति बनी बल्कि इसने यह भी साबित कर दिया कि किसी भी संवेदनशील जानकारी को गलत तरीके से हैंडल करना कितना खतरनाक हो सकता है। इस प्रकार की ग़लतियां न सिर्फ स्कूल प्रशासन की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती हैं, बल्कि यह समाज में ग़लत सूचना फैलने की एक उदाहरण भी बनती हैं।


