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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के तहत प्री-अप्रूव्ड क्रेडिट लाइनों की सुविधा को छोटे फाइनेंस बैंकों (SFBs) तक बढ़ाने का फैसला किया है। यह कदम डिजिटल सेवाओं की लागत कम करने और क्रेडिट तक पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
क्या है क्रेडिट लाइन ऑन UPI?
क्रेडिट लाइन ऑन UPI ग्राहकों को पहले से स्वीकृत ऋण का उपयोग उनके UPI खाते के माध्यम से करने की अनुमति देती है। यह सुविधा छोटे आकार और अल्पकालिक ऋण उत्पादों को उन ग्राहकों तक पहुंचाने का एक साधन है, जो पहले कभी क्रेडिट का लाभ नहीं उठा पाए हैं।
SFBs की भागीदारी क्यों महत्वपूर्ण है?
RBI के अनुसार, छोटे फाइनेंस बैंक उच्च तकनीक और कम लागत वाले मॉडल के जरिए दूरस्थ क्षेत्रों में ग्राहकों तक पहुंच सकते हैं। यह क्रेडिट सुविधा को जमीनी स्तर के ग्राहकों तक पहुंचाने में मदद करेगा।
UPI पर क्रेडिट कार्ड के बाद नया कदम
सितंबर 2023 में UPI प्लेटफॉर्म पर प्री-सैंक्शन क्रेडिट लाइनों को जोड़ने की सुविधा दी गई थी, लेकिन इसमें पेमेंट्स बैंक, छोटे फाइनेंस बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक शामिल नहीं थे। अब SFBs को इसमें शामिल कर, इस सुविधा का विस्तार किया गया है।
विशेषज्ञों की राय
- विवेक अय्यर (ग्रांट थॉर्नटन भारत): “SFBs को UPI के क्रेडिट लाइन में शामिल करना प्रतिस्पर्धा और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए सही कदम है।”
- राहुल जैन (CFO, NTT DATA Payment Services): “यह पहल जमीनी स्तर के ग्राहकों को किफायती दरों पर क्रेडिट उपलब्ध कराएगी और SFBs को अपने कारोबार में बढ़त हासिल करने में मदद करेगी।”
ग्रामीण और नए ग्राहकों को मिलेगा लाभ
यह पहल विशेष रूप से उन ग्राहकों को लाभ पहुंचाएगी जो पहली बार क्रेडिट का उपयोग कर रहे हैं। SFBs अपने तकनीकी मॉडल का उपयोग कर छोटे आकार के ऋण देने में सक्षम होंगे, जिससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को प्रोत्साहन मिलेगा।
RBI का उद्देश्य: अधिक समावेशन, बेहतर प्रतिस्पर्धा
RBI इस कदम के जरिए UPI प्लेटफॉर्म को और अधिक लाभकारी बनाना चाहता है, ताकि वित्तीय सेवाएं हर वर्ग तक पहुंच सकें। यह कदम न केवल वित्तीय समावेशन बढ़ाएगा, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की उपयोगिता को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।



