देशनई दिल्ली

दिल्ली मेट्रो में फिर हुआ बड़ा केबल चोरी कांड, यात्रियों को घंटों तकलीफ

ब्लू लाइन पर 142 मीटर सिग्नलिंग केबल चोरी, सेवाओं में बड़ी बाधा

भारत न्यूज़ लाइव

नई दिल्ली: दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन पर गुरुवार को हुए एक बड़े केबल चोरी कांड ने हजारों यात्रियों को परेशान कर दिया। मोती नगर और कीर्ति नगर स्टेशनों के बीच 142 मीटर सिग्नलिंग केबल चोरी होने के कारण ट्रेन की गति धीमी हो गई, जिससे यात्रियों को काफी असुविधा हुई।

चोरी के कारण धीमी हुई ट्रेन सेवाएं

घटना के चलते द्वारका सेक्टर 21 से नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी के बीच ट्रेनें 70 किमी/घंटे की सामान्य गति के बजाय सिर्फ 25-30 किमी/घंटे की रफ्तार से चलीं। विशेष रूप से मोती नगर और कीर्ति नगर के बीच सेवाएं अधिक प्रभावित हुईं।

दोपहर 1:38 बजे मरम्मत के बाद सेवाएं बहाल की गईं। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने यात्रियों को परामर्श जारी कर यात्रा योजना में बदलाव करने की सलाह दी थी।

चोरी का तरीका और जांच जारी

पुलिस ने चोरी के मामले में प्राथमिकी दर्ज की है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि चोरों ने नजदीकी पेड़ों की मदद से वायाडक्ट्स पर चढ़कर केबल काटी। चोरी की गई केबल्स की कीमत 1 लाख रुपये से अधिक है।

चोरों ने केबल काटने के बाद उन्हें नीचे गिरा दिया, जिससे पेड़ों की शाखाओं को भी नुकसान पहुंचा। चोरी के स्थान के पास सीसीटीवी कैमरे न होने से जांच में परेशानी आ रही है।

चोरों का नेटवर्क और बढ़ते मामलों पर चिंता

यह घटना दिल्ली मेट्रो में बढ़ती केबल चोरी की घटनाओं की कड़ी में एक और उदाहरण है। इस साल 4 दिसंबर तक 43 केबल चोरी के मामले दर्ज हुए, जबकि 2023 में यह संख्या 38 थी।

चोरी के मामलों में चोर समूह बनाकर काम करते हैं। अक्सर ये समूह पेड़ों और रस्सियों की मदद से ट्रैक तक पहुंचते हैं, केबल काटते हैं और जल्दी भाग जाते हैं।

सुरक्षा बढ़ाने के लिए उठाए गए कदम

बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर दिल्ली पुलिस की मेट्रो यूनिट ने कई स्टेशनों पर सुरक्षा ऑडिट किए हैं। इसमें क्षतिग्रस्त दीवारें, पेड़, और अन्य कमजोर बिंदु चिह्नित किए गए हैं।

  • सिफारिशें:
    • ट्रैक के पास सीसीटीवी कैमरों की स्थापना।
    • रात के समय गश्त बढ़ाना।
    • पेड़ों की नियमित छंटाई और क्षतिग्रस्त संरचनाओं की मरम्मत।

यात्रियों की सुरक्षा के लिए सतर्कता जरूरी

DMRC ने मरम्मत टीमों को त्वरित कार्रवाई के लिए तैनात किया है। लेकिन लगातार बढ़ती घटनाएं यह दर्शाती हैं कि अधिक व्यापक सुरक्षा उपायों की जरूरत है।

इस प्रकार की चोरी ने न केवल मेट्रो की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यात्रियों को गंभीर असुविधा और खतरों के प्रति भी उजागर किया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *