लखनऊ में ऑनलाइन शॉपिंग रिफंड घोटाला एजिस कंपनी के तीन कर्मचारियों पर 79.38 लाख की ठगी का आरोप

लखनऊ l ऑनलाइन शॉपिंग के रिफंड प्रक्रिया में धोखाधड़ी का एक मामला सामने आया है, जिसमें एजिस कस्टमर सपोर्ट सर्विसेज कंपनी के तीन कर्मचारियों पर 79.38 लाख रुपए की ठगी का आरोप लगा है। यह मामला लखनऊ के साइबर थाने में दर्ज किया गया है।
पुलिस ने यह कार्रवाई कंपनी के प्रशासनिक अधिकारी विकास अहलावत की शिकायत पर की। आरोपियों ने ग्राहकों के ऑर्डर कैंसिल करने के बाद सामान वापस नहीं किया, बल्कि रिफंड सॉफ्टवेयर के माध्यम से धोखाधड़ी की।
एजिस कस्टमर सपोर्ट सर्विसेज का दफ्तर लखनऊ के हजरतगंज स्थित मीराबाई मार्ग पर है। विकास के अनुसार, कंपनी के तीन कर्मचारी – राजस्थान के राहुल जोनवाल, आंध्र प्रदेश के शेख अब्दुल खादर जिलानी, और पश्चिम बंगाल के तस्सारून नाजरीन वर्क फ्रॉम होम के तहत काम करते थे। इन कर्मचारियों को कंपनी ने फ्लिपकार्ट कंसोल नामक सॉफ्टवेयर दिया था, जिससे वे ग्राहकों के ऑर्डर ट्रैकिंग और डिलीवरी से संबंधित सहायता करते थे।
जांच में पता चला कि इन तीनों कर्मचारियों ने सॉफ्टवेयर में हेराफेरी की और कुछ ग्राहकों के साथ मिलकर ऑर्डर कराया। डिलीवरी के बाद, इन्होंने सॉफ्टवेयर में रिफंड का विकल्प चुनकर कंपनी को 79.38 लाख रुपए की हानि पहुंचाई।
साइबर थाना प्रभारी ब्रजेश यादव ने बताया कि जुलाई में धोखाधड़ी का खुलासा हुआ और जांच में आरोप सही पाए जाने पर तीनों कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। फिलहाल, आरोपी फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। मामले की जांच जारी है।
लखनऊ के साइबर थाने में दर्ज की गई इस धोखाधड़ी की घटना ने ऑनलाइन शॉपिंग और रिफंड प्रक्रिया में छुपे खतरों को उजागर किया है। आरोपियों ने फ्लिपकार्ट के कंसोल सॉफ्टवेयर का गलत इस्तेमाल कर कंपनी को भारी नुकसान पहुंचाया। सॉफ्टवेयर में दिए गए रिटर्न टू ओरिजिन (RTO) विकल्प का इस्तेमाल कर इन कर्मचारियों ने कई फर्जी रिफंड क्लेम किए, जबकि उन्होंने ग्राहक से डिलीवर किए गए सामान को वापस नहीं किया।
यह धोखाधड़ी कुछ ग्राहकों के सहयोग से की गई, जिन्होंने जान बूझकर इन कर्मचारियों के साथ मिलकर सामान ऑर्डर किया और फिर उसे रिटर्न दिखाकर रिफंड प्राप्त किया। जांच में सामने आया कि इन कर्मचारियों ने सॉफ्टवेयर की प्रणाली में छेड़छाड़ की, जिससे कंपनी के रिफंड प्रक्रियाओं में गड़बड़ी हुई और कंपनी को 79.38 लाख रुपए का नुकसान हुआ। यह मामला तब सामने आया, जब एजिस कस्टमर सपोर्ट ने जुलाई में इस फर्जीवाड़े का पता लगाया।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्यवाही की और तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। साइबर थाने के प्रभारी ब्रजेश यादव ने बताया कि आरोपी फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। एजिस कंपनी के अधिकारी और पुलिस अब इस मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं ताकि इस तरह की धोखाधड़ी की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। यह घटना ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान रिफंड प्रक्रियाओं के प्रति सतर्कता की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है।



