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मंगलुरु: सहकारी बैंक डकैती में 12 करोड़ रुपये की लूट, पुलिस जांच में जुटी

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मंगलुरु: कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले के मंगलुरु के निकट उल्लाल में शुक्रवार, 17 जनवरी को दिनदहाड़े बैंक डकैती की एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। पांच अपराधियों के एक गिरोह ने केसी रोड स्थित कोटेकारू व्यवसाय सेवा सहकारी बैंक को निशाना बनाते हुए लगभग 12 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति लूट ली।

घटना का विवरण

यह डकैती सुबह 11:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे के बीच हुई। पांच से छह अपराधियों का यह समूह, जिनकी उम्र 25 से 35 वर्ष के बीच बताई जा रही है, नकाब पहने हुए और पिस्तौल, तलवार, तथा चाकू जैसे घातक हथियारों से लैस होकर बैंक में दाखिल हुआ। घटना के समय बैंक में पांच कर्मचारी मौजूद थे। अपराधियों ने हथियार दिखाकर कर्मचारियों को धमकाया और उन्हें बंधक बनाकर अलमारी में रखे सोने के आभूषण और नकदी लूट ली।

लूट की योजना और अपराधियों का व्यवहार

डकैतों ने पूरी घटना को बड़ी चतुराई और तेज़ी से अंजाम दिया। उन्होंने बैंक में लगे सीसीटीवी की मरम्मत कर रहे एक तकनीशियन को भी नहीं बख्शा और उसकी उंगली से अंगूठी उतार ली। बैंक कर्मचारियों के अनुसार, अपराधी हिंदी और कन्नड़ दोनों भाषाओं में बातचीत कर रहे थे। छात्रों ने बताया कि लुटेरों ने उन्हें कन्नड़ में धमकाया, जबकि बैंक कर्मचारियों से हिंदी में बात की। अपराधियों ने एक बोरे में सोना और नकदी भरी और काले रंग की फिएट कार में बैठकर फरार हो गए।

पुलिस की प्रतिक्रिया

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। मंगलुरु सिटी पुलिस कमिश्नर अनुपम अग्रवाल ने बताया कि चोरी किए गए सामान की अनुमानित कीमत 10 से 12 करोड़ रुपये है। विस्तृत मूल्यांकन के लिए बैंक के रिकॉर्ड और चुराई गई संपत्ति का आंकलन किया जा रहा है। अपराधियों को पकड़ने के लिए विशेष पुलिस टीमें गठित की गई हैं। “आरोपी पेशेवर लगते हैं और घटना को अंजाम देने के बाद तुरंत फरार हो गए,” पुलिस कमिश्नर ने कहा।

मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक

इस घटना के मद्देनजर, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मंगलुरु में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ एक आपातकालीन बैठक की। उन्होंने अपराधियों को तुरंत गिरफ्तार करने के सख्त निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने यह भी सवाल उठाया कि कैसे अपराधी बिना किसी रुकावट के भागने में कामयाब हुए। उन्होंने राज्य के सभी टोल नाकों पर सुरक्षा को सख्त करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री के प्रवक्ता ने बताया कि राज्य सरकार इस मामले को बहुत गंभीरता से ले रही है।

विधानसभा अध्यक्ष का घटनास्थल दौरा

विधानसभा अध्यक्ष यूटी खादर, जो मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में शामिल थे, घटना की जानकारी मिलते ही तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने बैंक कर्मचारियों से घटना के बारे में जानकारी ली और पुलिस को अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़ने का निर्देश दिया। “यह घटना राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है,” उन्होंने कहा।

अन्य संबंधित घटनाएं

गौरतलब है कि इस घटना से ठीक एक दिन पहले, 16 जनवरी को बीदर में एक और लूट की घटना सामने आई थी। उस मामले में, एटीएम में पैसे भरते समय कर्मचारी को गोली मारकर लूटपाट की गई थी। इन दोनों घटनाओं ने राज्य में सुरक्षा की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

स्थानीय प्रतिक्रिया और सुरक्षा चिंताएं

इस घटना ने स्थानीय लोगों में भय और असुरक्षा की भावना बढ़ा दी है। बैंक के पास रहने वाले लोगों ने कहा कि अपराधियों की चतुराई से योजना और उनकी तेज़ी के कारण पुलिस को उन्हें पकड़ने में मुश्किल हो सकती है। वहीं, कई लोग इस बात से नाराज हैं कि बैंक जैसी जगहों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।

भविष्य के लिए योजना

इस घटना के बाद, राज्य सरकार और पुलिस ने बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों की सुरक्षा बढ़ाने की योजना बनाई है। बैंक में सीसीटीवी और अलार्म सिस्टम को अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने यह भी कहा है कि वे बैंक कर्मचारियों और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर जागरूकता अभियान चलाएंगे ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके

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