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नई दिल्ली: एस.पी. तिवारी, जो TUCC के राष्ट्रीय महासचिव और सीबीटी-ईपीएफओ (भारत सरकार) के सदस्य हैं, ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट निर्माण के लिए अपने सुझाव सौंपे हैं। TUCC ने उम्मीद जताई है कि वित्त मंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में ये सुझाव देश के संगठित और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद करेंगे।

आइए जानते हैं TUCC के 16 प्रमुख सुझावों को विस्तार से:
1. श्रम कोड लागू करने की मांग
TUCC ने Code on Wages और Code on Social Security को बिना देरी के लागू करने की सिफारिश की है। इससे श्रमिकों को न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलेगा।
2. EPS पेंशन में वृद्धि
EPS पेंशनभोगियों की न्यूनतम पेंशन को बढ़ाकर ₹5000 प्रति माह करने की मांग की गई है। TUCC ने यह भी सुझाव दिया है कि इस पेंशन को महंगाई भत्ते (VDA) से जोड़ा जाए ताकि समय-समय पर यह बढ़ती रहे।
3. योजना कर्मियों को कार्यकर्ता का दर्जा
आशा, आंगनवाड़ी, और मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) योजना से जुड़े कार्यकर्ताओं को कार्यकर्ता की परिभाषा के अंतर्गत लाने की मांग की गई है। TUCC ने इन्हें ESIC और EPFO के दायरे में लाने का सुझाव दिया है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा योगदान साझा किया जाए। उन्हें माननीय गुजरात उच्च न्यायलय के हाल के निर्णय के अनुसार वेतन/सैलरी दी जानी चाहिए।
4. निर्माण श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य सुविधा
निर्माण श्रमिकों को देशभर में आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य कार्ड जारी करने या उन्हें ESIC के अंतर्गत कवर करने की सिफारिश की गई है।
5. गिग वर्कर्स के लिए सामाजिक सुरक्षा
गिग वर्कर्स, जैसे डिलीवरी पार्टनर और कैब ड्राइवरों को न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की मांग की गई है।
6. घरेलू श्रमिकों का कल्याण
देश के लगभग 1.2 करोड़ घरेलू श्रमिकों को कार्यकर्ता का दर्जा देने और उन्हें सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने का सुझाव दिया गया है।
7. जूट उद्योग को बढ़ावा
JPMA-1987 को प्रभावी ढंग से लागू करने और जूट मिलों को खाद्य निगम (FCI) और राज्य सरकारों से पर्याप्त ऑर्डर सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
8. आयकर छूट सीमा में वृद्धि
आयकर छूट सीमा को ₹10 लाख प्रति वर्ष तक बढ़ाने का सुझाव दिया गया है। यह कदम मध्यम वर्ग को राहत प्रदान करेगा।
9. मछुआरा समुदाय का कल्याण
मछुआरों की आजीविका सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल पंजीकरण और DBT के माध्यम से वित्तीय सहायता प्रदान करने की सिफारिश की गई है।

10. EPFO और ESIC सीमा बढ़ाई जाए
EPFO और ESIC की आय सीमा को बढ़ाकर ₹35,000 प्रति माह करने का सुझाव दिया गया है।
11. असंगठित श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा
TUCC ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, जिनमें कृषि श्रमिक भी शामिल हैं, को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने और उनके न्यूनतम वेतन को तय करने की मांग की है।
12. सुपर रिच पर अतिरिक्त टैक्स
देश के सभी असंगठित श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त 2% टैक्स लगाने की सिफारिश की गई है।
13. जम्मू-कश्मीर से संबंधित मुद्दे
- सरकार से मौसमी और दैनिक वेतनभोगियों को नियमित करने और उन्हें न्यूनतम वेतन देने की मांग की गई है।
- NHM कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करने की सिफारिश की गई है।
- मौसमी श्रमिकों के कामकाजी महीनों को 5 से बढ़ाकर 9 महीने करने का सुझाव दिया गया है।
14. निजीकरण और कॉर्पोरेटाइजेशन का विरोध
देश के संसाधनों के निजीकरण, कॉर्पोरेटाइजेशन और टेंडरिंग की प्रक्रियाओं को रोकने की मांग की गई है।
15. NPS को समाप्त कर OPS लागू करें
NPS/UPS को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लागू करने की सिफारिश की गई है।
TUCC का निष्कर्ष
TUCC ने वित्त मंत्री से उम्मीद जताई है कि इन सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा, जो 45 करोड़ श्रमिकों और कर्मचारियों के जीवन को बेहतर बनाने में मददगार साबित होंगे।


