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महिला लेबर इंस्पेक्टर को बंधक बनाने की घटना पर टीयूसीसी के प्रदेश अध्यक्ष ने जताई कड़ी नाराज़गी, श्रम सचिव को लिखा पत्र

भारत न्यूज़ लाइव

हरिद्वार: बहादराबाद औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्री निरीक्षण के दौरान महिला लेबर इंस्पेक्टर के साथ हुए दुर्व्यवहार का मामला तूल पकड़ रहा है। फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा महिला अधिकारी को बंधक बनाए जाने की घटना पर ट्रेड यूनियन कोऑर्डिनेशन सेंटर (टीयूसीसी) ने कड़ा विरोध जताया है। टीयूसीसी के प्रदेश अध्यक्ष नवीन चंद्र कुरील ने इस मामले पर उत्तराखंड श्रम सचिव को पत्र लिखते हुए कठोर कार्यवाही की मांग की है।

फैक्ट्री प्रबंधन पर गंभीर आरोप

शुक्रवार को बहादराबाद के औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्री निरीक्षण के लिए पहुंचीं महिला लेबर इंस्पेक्टर मीनाक्षी भट्ट को फैक्ट्री प्रबंधन ने घेर लिया। प्रबंधन का आरोप था कि निरीक्षण बिना पूर्व अनुमति के किया गया। विवाद बढ़ने पर महिला अधिकारी की गाड़ी को लॉक कर उन्हें फैक्ट्री परिसर में बंधक बना लिया गया।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और महिला इंस्पेक्टर को छुड़ाया। घटना के बाद मीनाक्षी भट्ट ने बहादराबाद पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई। उन्होंने तहरीर में लिखा कि उन्हें फैक्ट्री प्रबंधन से जान का खतरा है और इस घटना से श्रमिक अधिकारों की रक्षा में गंभीर बाधा उत्पन्न हो सकती है।

टीयूसीसी ने उठाई श्रमिकों के शोषण की आवाज़

घटना के बाद टीयूसीसी के प्रदेश अध्यक्ष नवीन चंद्र कुरील ने श्रम सचिव को पत्र लिखकर महिला लेबर इंस्पेक्टर के साथ हुए दुर्व्यवहार पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने लिखा कि अगर श्रम विभाग के अधिकारियों के साथ ऐसा व्यवहार हो सकता है, तो फैक्ट्रियों में काम करने वाले श्रमिकों के साथ किस हद तक शोषण हो रहा होगा।

उन्होंने अपने पत्र में उल्लेख किया कि भगवानपुर, बहादराबाद और हरिद्वार सिडकुल की कई फैक्ट्रियों में श्रमिकों का शोषण एक आम बात बन गई है। जब श्रम विभाग इस तरह की शिकायतों पर कार्यवाही करता है, तो इस प्रकार की घटनाएं सामने आती हैं।

कड़ी कार्यवाही की मांग

नवीन चंद्र कुरील ने श्रम सचिव से अनुरोध किया कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए और फैक्ट्री प्रबंधन पर सख्त कार्यवाही की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस प्रकार की घटनाओं पर रोक नहीं लगाई गई, तो श्रमिकों के हितों की रक्षा करना और भी मुश्किल हो जाएगा।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि उनके द्वारा लिखे गए पत्र की प्रति भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, महानिदेशक ईएसआई, और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) को भी प्रेषित की गई है।

श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुटता की आवश्यकता

टीयूसीसी ने इस घटना को न केवल महिला अधिकारी के साथ अन्याय, बल्कि श्रमिकों के शोषण का भी संकेत बताया है। नवीन चंद्र कुरील ने श्रम विभाग से आग्रह किया कि वे श्रमिकों के शोषण को रोकने और अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाएं।

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