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अमेरिका में गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अदानी के खिलाफ चल रही जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। अदालत में पेश किए गए दस्तावेजों के मुताबिक, सागर अडानी ने व्हाट्सएप पर ‘रिश्वत नोट्स’ के जरिए सरकारी अधिकारियों को दी गई करोड़ों डॉलर की रिश्वत का हिसाब रखा। अमेरिकी अभियोजकों ने इसे 265 मिलियन डॉलर के रिश्वत घोटाले का हिस्सा बताया है, जिसका मकसद भारत में पावर सप्लाई के बड़े ठेके हासिल करना और 20 साल में $2 बिलियन का मुनाफा कमाना था।
व्हाट्सएप पर खुलासा
2020 के एक व्हाट्सएप संदेश में सागर अडानी ने लिखा, “यूप… लेकिन इसे छुपाना मुश्किल हो रहा है।” अदालत में पेश किए गए दस्तावेजों के अनुसार, अडानी ने अपनी योजनाओं को ‘गुप्त’ रखने की कोशिश की, लेकिन अब अमेरिकी अदालत ने उनके और उनके चाचा गौतम अडानी सहित छह अन्य लोगों पर धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं।
रिश्वत और पावर प्रोजेक्ट्स
कोर्ट फाइलिंग्स में दावा किया गया है कि सागर अडानी ने फरवरी 2021 में जम्मू-कश्मीर और छत्तीसगढ़ में ग्रीन पावर प्रोजेक्ट्स के लिए रिश्वत की रकम बढ़ाने की योजना बनाई थी। इसके बाद जुलाई 2021 में ओडिशा के अधिकारियों को एक 500 मेगावॉट के सौदे के लिए लाखों डॉलर रिश्वत देने की बात सामने आई। अगस्त 2021 में, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित कई अधिकारियों को 200 मिलियन डॉलर की रिश्वत देकर 7,000 मेगावॉट का ठेका हासिल करने की कोशिश की गई।
अडानी ग्रुप पर असर
इस घोटाले के बाद अडानी ग्रुप पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। ग्रुप के शेयरों की कीमतों में भारी गिरावट आई है, और केन्या के राष्ट्रपति नेअडानी के साथ चल रहे एक प्रमुख एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को रद्द कर दिया है।
अडानी ग्रुप का बचाव
अडानी ग्रुप ने इन आरोपों को “बेबुनियाद” बताते हुए कहा कि वे कानूनी लड़ाई लड़ेंगे और हर संभव उपाय करेंगे।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
यह घोटाला 62 वर्षीय गौतम अडानी के नेतृत्व वाले ग्रुप के लिए दूसरा बड़ा संकट है। सागर अडानी, जिन्होंने आइवी लीग से शिक्षा ली है, अब सवालों के घेरे में हैं। उन्होंने 2020 में छात्रों से बातचीत के दौरान कहा था, “व्यवसाय में हर कदम पर जोखिम होता है।” अब यह देखना होगा कि अडानी ग्रुप इन संकटों से कैसे निपटता है।


