
नवीन चंद्र कुरील (चीफ एडिटर, भारत न्यूज लाइव)
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र में भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा आयोजित विश्व मानक दिवस कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने मानकों के महत्व और उनके प्रभाव पर जोर दिया।
मानकों का महत्व:
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मानक न केवल गुणवत्ता सुनिश्चित करते हैं बल्कि आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मानकों के जरिए उत्पादों और सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जा सकता है, जिससे उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ता है।
राज्य के विकास में मानकों का योगदान:
कार्यक्रम में धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार मानकों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “मानकों के माध्यम से हम राज्य के विकास को और गति दे सकते हैं।” उन्होंने मानकों के माध्यम से तकनीकी विकास और औद्योगिक वृद्धि पर ध्यान केंद्रित किया।
उपभोक्ता जागरूकता:
धामी ने उपभोक्ताओं को मानकों के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि जब उपभोक्ता मानकों के महत्व को समझेंगे, तो वे बेहतर निर्णय ले सकेंगे और बाजार में गुणवत्तापूर्ण उत्पादों की मांग कर सकेंगे।
प्रदूषण और पर्यावरण संरक्षण:
कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण के लिए मानकों की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मानकों के जरिए हम प्रदूषण को कम कर सकते हैं और प्राकृतिक संसाधनों का सही उपयोग कर सकते हैं।
सर्वश्रेष्ठ प्रथाओं का आदान-प्रदान:
इस कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। मुख्यमंत्री धामी ने सर्वश्रेष्ठ प्रथाओं का आदान-प्रदान करने और एक-दूसरे से सीखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “एकजुटता में ही शक्ति है।”
अन्य महत्वपूर्ण विषय:
1. शिक्षा और कौशल विकास:मानकों को शिक्षा और कौशल विकास में शामिल करने की आवश्यकता पर चर्चा की गई।
2. नवाचार और प्रौद्योगिकी:नवाचार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में मानकों के महत्व पर भी जोर दिया गया।
3. स्थायी विकास:मुख्यमंत्री ने स्थायी विकास के लिए मानकों की भूमिका को रेखांकित किया।
निष्कर्ष:
विश्व मानक दिवस का यह कार्यक्रम उत्तराखंड में मानकों के महत्व को समझने और उन्हें बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में, राज्य में मानकों को बढ़ावा देने की दिशा में कई योजनाएँ बनाई जा रही हैं, जो भविष्य में आर्थिक और सामाजिक विकास में सहायक सिद्ध होंगी।


