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नई दिल्ली, 26 नवंबर: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस पर दलितों, आदिवासियों और ओबीसी के खिलाफ बाधाएं खड़ी करने का गंभीर आरोप लगाया। ‘संविधान रक्षक अभियान’ को संबोधित करते हुए गांधी ने कहा कि देश की पूरी व्यवस्था दलितों, आदिवासियों और पिछड़े वर्गों के खिलाफ खड़ी है। उन्होंने दावा किया कि पीएम मोदी ने संविधान नहीं पढ़ा है।
गांधी ने कहा, “अगर मोदी जी ने संविधान पढ़ा होता, तो वह रोज जो करते हैं, वह नहीं करते।” उन्होंने संविधान की प्रति दिखाते हुए कहा कि यह दलितों, आदिवासियों और पिछड़े वर्गों के अधिकारों को सुनिश्चित करता है, लेकिन बीजेपी और आरएसएस इसे कमजोर कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी और आरएसएस समाज के इन वर्गों के रास्ते में खड़ी दीवार को मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने यूपीए सरकार के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाईं, जैसे मनरेगा, भूमि अधिग्रहण कानून और खाद्य अधिकार, जो उस दीवार को कमजोर करने के प्रयास थे। लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि कांग्रेस इसे पूरी तरह खत्म नहीं कर पाई।
गांधी ने तेलंगाना में हो रही जातीय जनगणना को ऐतिहासिक कदम बताया और वादा किया कि कांग्रेस जहां भी सत्ता में आएगी, इसे लागू करेगी। उन्होंने कहा कि दलित, आदिवासी और ओबीसी के हक के लिए उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
क्या संविधान की रक्षा के ये दावे चुनावी वादे हैं, या वंचितों को उनका अधिकार दिलाने की ठोस पहल? जनता के सवाल इस मुद्दे को और गहराई देंगे।


