
एडिटर , भारत न्यूज़ लाइव
देहरादून: उत्तराखंड में नगर निकाय चुनावों की तारीखों का ऐलान हो चुका है। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, 23 जनवरी को मतदान होगा। जैसे-जैसे चुनाव की तारीख करीब आ रही है, राजनीतिक पार्टियों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इन तैयारियों के केंद्र में कांग्रेस पार्टी भी सक्रिय रूप से जुटी हुई है।
सुरेंद्र शर्मा ने संभाली कमान
कांग्रेस के सह प्रभारी सुरेंद्र शर्मा संगठन को मजबूती देने और चुनावी रणनीतियों को धार देने के लिए उत्तराखंड में लगातार सक्रिय हैं। माना जा रहा है कि वह नगर निकाय चुनाव तक उत्तराखंड में ही रहेंगे और यहां की राजनीति को करीब से मॉनिटर करेंगे। उनका उद्देश्य कांग्रेस को एकजुट रखना और पार्टी को जीत दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करना है।
शीर्ष नेतृत्व का सहयोग
पार्टी नेतृत्व ने सुरेंद्र शर्मा के साथ जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह को भी उत्तराखंड का शहर प्रभारी नियुक्त किया है। हालांकि, परगट सिंह ने अभी तक देहरादून में कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज नहीं कराई है। वहीं, उत्तराखंड कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी और सांसद कुमारी शैलजा अपनी व्यस्तताओं के कारण संगठन को अपेक्षित समय नहीं दे पा रही हैं। इन परिस्थितियों में सह प्रभारी सुरेंद्र शर्मा और कांग्रेस वर्किंग कमिटी (सीडब्ल्यूसी) के सदस्य गुरदीप सप्पल ने मोर्चा संभाल लिया है।
कांग्रेस की रणनीति
सुरेंद्र शर्मा ने अपनी रणनीतियों को साझा करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी नगर निकाय चुनाव पूरी मजबूती के साथ लड़ेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी का प्रत्येक प्रत्याशी अकेला नहीं है, बल्कि समूची कांग्रेस उसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उन्होंने जनता के सामने कांग्रेस सरकार की पूर्ववर्ती उपलब्धियों को रेखांकित किया।
शर्मा ने कहा कि कांग्रेस ने राज्य के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी और हरीश रावत के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाईं।
भाजपा पर हमला
सुरेंद्र शर्मा ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश की जनता भाजपा के भ्रष्टाचार और कुशासन से परेशान हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि राज्य की जनता अब बदलाव चाहती है और इस बार के निकाय चुनाव में कांग्रेस को भारी मतों से विजयी बनाएगी। शर्मा ने यह भी कहा कि भाजपा ने केवल वादे किए लेकिन जमीनी स्तर पर काम करने में असफल रही है।
लगातार बैठकों का दौर
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता लगातार बैठकों में शामिल होकर कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर रहे हैं। पार्टी के सह प्रभारी सुरेंद्र शर्मा और गुरदीप सप्पल विभिन्न जिलों में जाकर कार्यकर्ताओं के साथ संवाद कर रहे हैं। उनकी प्राथमिकता संगठन को मजबूत करना और ग्रासरूट स्तर पर कांग्रेस की पकड़ को बढ़ाना है।
कार्यकर्ताओं में उत्साह
कांग्रेस कार्यकर्ताओं में सह प्रभारी सुरेंद्र शर्मा की उपस्थिति से उत्साह का माहौल है। पार्टी कार्यकर्ताओं का मानना है कि उनकी सक्रियता और चुनावी रणनीतियां कांग्रेस को लाभ पहुंचाएंगी।
निकाय चुनाव के मुद्दे
कांग्रेस ने नगर निकाय चुनाव में कई प्रमुख मुद्दों को उठाने की योजना बनाई है, जिसमें राज्य का विकास, शहरी क्षेत्रों की आधारभूत समस्याएं, भ्रष्टाचार, और जनता की बुनियादी जरूरतें शामिल हैं। पार्टी जनता के समक्ष यह संदेश दे रही है कि केवल कांग्रेस ही प्रदेश को विकास की राह पर ले जा सकती है।
भविष्य की योजना
निकाय चुनाव के लिए कांग्रेस ने कई दौर की बैठकों के बाद अपने प्रत्याशियों की सूची तैयार कर ली है। साथ ही, हर जिले में स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता देते हुए चुनाव प्रचार की रणनीति बनाई गई है। पार्टी ने सोशल मीडिया और डिजिटल प्रचार को भी अपना प्रमुख हथियार बनाया है।
कांग्रेस के दावे
कांग्रेस पार्टी ने दावा किया है कि इस बार के निकाय चुनाव में जनता भाजपा को करारा जवाब देगी। पार्टी का कहना है कि उनके प्रत्याशियों को जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है और यह समर्थन उन्हें चुनाव में जीत दिलाएगा।
महिलाओं और युवाओं को जोड़ने की कोशिश
कांग्रेस पार्टी ने इस बार महिलाओं और युवाओं को चुनावी प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल करने पर जोर दिया है। महिला मोर्चा और युवा कांग्रेस की टीम को निर्देश दिए गए हैं कि वे समाज के इन वर्गों को पार्टी के साथ जोड़ने के लिए विशेष प्रयास करें।
विपक्षी दलों की रणनीतियों पर नजर
कांग्रेस ने विपक्षी दलों, विशेषकर भाजपा की चुनावी रणनीतियों पर कड़ी नजर रखी हुई है। पार्टी का मानना है कि भाजपा के चुनाव प्रचार का मुकाबला करने के लिए मजबूत और प्रभावी जवाब देना आवश्यक है। इसके लिए कांग्रेस ने अपने प्रवक्ताओं की एक विशेष टीम बनाई है, जो हर मुद्दे पर पार्टी का पक्ष मजबूती से रखेगी।
निष्कर्ष
उत्तराखंड में नगर निकाय चुनावों का माहौल गर्म हो चुका है। कांग्रेस पार्टी अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देकर चुनावी मैदान में उतरने को तैयार है। पार्टी के सह प्रभारी सुरेंद्र शर्मा की सक्रियता और नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया है। अब देखना यह होगा कि जनता किसे अपना समर्थन देती है और राज्य में राजनीतिक समीकरण कैसे बदलते हैं।
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