
हरिद्वार पुलिस ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बेटे जय शाह के नाम से फर्जी कॉल कर उत्तराखंड की राजनीति में हलचल मचाने वाले आरोपी प्रियांशु पंत को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले उधम सिंह नगर पुलिस आरोपी के एक अन्य साथी उवैश अहमद को भी गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि गिरोह का तीसरा सदस्य गौरव नाथ अब भी फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने विधायकों को मंत्री पद का लालच देकर पार्टी फंड में पैसे जमा कराने की साजिश रची थी।
बीजेपी विधायक आदेश चौहान को 13 फरवरी की रात फोन कर खुद को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का बेटा बताने वाले शख्स ने कहा था कि “पापा मणिपुर के राजनीतिक घटनाक्रम में व्यस्त हैं, इसलिए उन्होंने फोन करने को कहा है।” इसके बाद आरोपी ने विधायक को मंत्री बनाने की बात कही और इसके बदले पार्टी फंड में पैसे जमा करने की मांग की। विधायक को शक होने पर जांच कराई गई और मामला फर्जी निकला, जिसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
सिर्फ आदेश चौहान ही नहीं, नैनीताल विधायक सरीता आर्य और रुद्रपुर विधायक शिव अरोड़ा को भी इसी तरह के फोन आए थे। तीनों जिलों की पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपियों की लोकेशन दिल्ली में ट्रेस हुई। इसके बाद हरिद्वार पुलिस की टीम ने दिल्ली-एनसीआर में छापेमारी कर प्रियांशु पंत को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके पास से वह मोबाइल भी बरामद किया, जिससे कॉल किए गए थे।
पूछताछ में सामने आया कि प्रियांशु पंत, उवैश अहमद और गौरव नाथ ने पैसों की तंगी के चलते यह साजिश रची थी। उनका मकसद एक झटके में मोटी रकम वसूलना था। इससे पहले गौरव नाथ 2024 में खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय का सचिव बताकर एक विधायक से पैसे मांगने के आरोप में नासिक से गिरफ्तार हो चुका है।
उवैश अहमद को उधम सिंह नगर पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, जिसे अब बी वारंट पर हरिद्वार लाया जाएगा। वहीं, गौरव नाथ की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। हरिद्वार पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि जल्द ही गिरोह के बाकी सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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