उत्तराखंडदेशदेहरादून
Trending

उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता और स्मार्ट मीटर के खिलाफ कांग्रेस का विधानसभा कूच

भारत न्यूज़ लाइव

देहरादून: उत्तराखंड में हाल ही में लागू किए गए समान नागरिक संहिता (यूनिफॉर्म सिविल कोड) के प्रावधानों और स्मार्ट मीटर के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने गुरुवार, 20 फरवरी को विधानसभा कूच कर जोरदार प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए, जिनका नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा और महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने किया।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

गुरुवार को कांग्रेस कार्यकर्ता देहरादून के हिम पैलेस होटल के पास एकत्र हुए और वहां से पैदल मार्च निकालते हुए विधानसभा की ओर बढ़ने लगे। लेकिन पहले से ही भारी संख्या में तैनात पुलिस बल ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रिस्पना पुल से पहले ही बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इस रोक से नाराज कांग्रेस कार्यकर्ता वहीं सड़क पर धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।

इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से अपनी बात रखने की कोशिश की। रंगकर्मियों की ओर से प्रस्तुत किए गए नुक्कड़ नाटक में समान नागरिक संहिता के विवादास्पद प्रावधानों और स्मार्ट मीटर के मुद्दे पर सरकार की नीतियों की आलोचना की गई। नुक्कड़ नाटक के मंचन के बाद, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग लांघने की कोशिश की, जिस पर पुलिस ने बलपूर्वक उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प हुई और जमकर धक्का-मुक्की हुई।

कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा और महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला समेत कई कांग्रेस नेता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। करन माहरा ने समान नागरिक संहिता में लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े प्रावधानों का कड़ा विरोध किया और भाग-3 के प्रावधानों पर विशेष आपत्ति जताई।

करन माहरा ने कहा कि सरकार अल्पसंख्यकों के लिए बहु विवाह को प्रतिबंधित कर रही है, लेकिन दूसरी ओर भाजपा सरकार भाग-3 लागू कर पॉलीगेमी (बहु विवाह) को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस कानून के माध्यम से बाहरी लोगों को एक साल के निवास के बाद उत्तराखंड का स्थायी निवासी बनाए जाने की साजिश हो रही है। उन्होंने सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग की कि इस कानून को लागू करने से पहले जिन दो लाख लोगों से राय ली गई थी, उनकी सूची सार्वजनिक की जाए।

सरकार पर जनमत संग्रह न कराने का आरोप

माहरा ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह इस मुद्दे पर सही आंकड़े पेश नहीं कर रही है और यह अनुच्छेद 44 का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लेकर जनमत संग्रह कराएगी और लोगों से घर-घर जाकर फॉर्म भरवाएगी। इसके बाद राज्यभर से एकत्रित किए गए आंकड़ों को राष्ट्रपति को भी भेजा जाएगा।

पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच संघर्ष

जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विधानसभा की ओर बढ़ने की कोशिश की, तो पुलिस ने उन्हें बलपूर्वक रोकने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस पर जबरदस्ती करने और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करने का आरोप लगाया।

वहीं, कांग्रेस महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने भी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि समान नागरिक संहिता के कुछ प्रावधान महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ हैं और इससे सामाजिक ताने-बाने पर नकारात्मक असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इस कानून को लागू करने से पहले व्यापक जनसुनवाई होनी चाहिए थी, जो कि सरकार ने नहीं की।

स्मार्ट मीटर का मुद्दा

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्य में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटरों की वजह से उपभोक्ताओं पर अनावश्यक वित्तीय बोझ पड़ रहा है और बिजली की दरें अनावश्यक रूप से बढ़ाई जा रही हैं। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया में सरकार ने पारदर्शिता नहीं बरती है और आम जनता के हितों को नजरअंदाज किया गया है।

आगे की रणनीति

करन माहरा ने घोषणा की कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएगी और सरकार की नीतियों के खिलाफ अभियान चलाएगी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने अपनी नीतियों में बदलाव नहीं किया, तो कांग्रेस आंदोलन को और तेज करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी पूरे राज्य में जनजागरूकता अभियान चलाकर समान नागरिक संहिता के विवादित प्रावधानों और स्मार्ट मीटर के मुद्दे पर जनता को जागरूक करेगी।

निष्कर्ष

उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता और स्मार्ट मीटर को लेकर कांग्रेस पार्टी का विरोध प्रदर्शन राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वह इस मुद्दे को हल्के में लेने के मूड में नहीं है और यदि सरकार ने उनकी मांगों को नहीं माना, तो वे आंदोलन को और व्यापक बनाएंगे। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस विरोध प्रदर्शन के बाद क्या कदम उठाती है और कांग्रेस अपने आंदोलन को किस दिशा में आगे बढ़ाती है।

Read Also : हरिद्वार पुलिस ने अमित शाह के बेटे के नाम पर फर्जी कॉल कर ठगी की साजिश रचने वाले आरोपी को गिरफ्तार

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *