
नवीन चन्द्र कुरील ( चीफ एडीटर, भारत न्यूज लाइव)
देहरादून । उत्तराखंड सरकार ने राज्य की एकल महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’ को मंजूरी दी है। इस योजना का उद्देश्य विधवा, परित्यक्ता, तलाकशुदा, किन्नर, अपराध एवं एसिड हमलों से पीड़ित महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में योजना का अंतिम मसौदा तैयार किया गया। इस योजना के तहत, महिलाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। हालांकि, लाभार्थी को पहले परियोजना लागत का 25% स्वयं निवेश करना होगा, जिसके बाद ही सब्सिडी दी जाएगी ।
योजना में 18 से 50 वर्ष की आयु की एकल महिलाओं को शामिल किया गया है। स्वरोजगार के तहत कृषि, बागवानी, पशुपालन, कुक्कुट पालन, भेड़-बकरी पालन, उद्यान, बुटीक, टेलरिंग, जनरल स्टोर, टिफिन सेवा, कैंटीन, कैटरिंग, प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, डाटा एंट्री कार्य, कंप्यूटर हार्डवेयर रिपेयरिंग, टेली कॉलिंग आदि कार्यों को शामिल किया गया है।
सरकार का लक्ष्य है कि इस योजना के माध्यम से राज्य की एकल महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें और उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान कर समाज में उनकी स्थिति को सुदृढ़ किया जा सके। योजना के क्रियान्वयन के लिए आबकारी विभाग से प्राप्त धनराशि में से 10 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं, जिससे राज्य के सभी जिलों में इस योजना को प्रभावी रूप से लागू किया जा सके।
इस योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया, पात्रता और अन्य आवश्यक विवरण जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाएंगे। राज्य सरकार इस योजना को शीघ्र ही लागू करने की दिशा में कार्यरत है, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं इसका लाभ उठा सके l


