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देहरादून, उत्तराखंड: छत्तीसगढ़ के दिवंगत विधायक भीमा मंडावी की बेटी दीपा मंडावी ने देहरादून में आत्महत्या कर ली। दीपा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से परिवार और कॉलेज प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया और फिर परिजनों को सौंप दिया। परिजन शव लेकर छत्तीसगढ़ रवाना हो गए हैं।
दीपा मंडावी की शिक्षा और जीवन
दीपा मंडावी छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले से थीं और देहरादून के राजपुर रोड स्थित साईं इंस्टीट्यूट में फिजियोथेरेपी में नर्सिंग का कोर्स कर रही थीं। वह थर्ड ईयर की छात्रा थीं। हाल ही में दीपा पीजी (पेइंग गेस्ट) में रहने लगी थीं। घटना 26 जनवरी की है जब दीपा ने अपने पीजी रूम में आत्महत्या कर ली।
घटना की जानकारी और परिजनों की प्रतिक्रिया
घटना के बाद दीपा के परिवार को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर उनके परिजन तुरंत छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा से देहरादून के लिए रवाना हुए। परिवार ने 27 जनवरी को देहरादून पहुंचकर शव को देखा। पुलिस ने डालनवाला थाने में मामला दर्ज किया और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
हाल ही में पीजी में शिफ्ट हुई थीं दीपा
जानकारी के अनुसार, दीपा हाल ही में अपनी सहेलियों के साथ रूम में रहने के बजाय पीजी में शिफ्ट हुई थीं। हालांकि, पीजी में शिफ्ट होने के कुछ ही दिनों बाद उन्होंने यह खौफनाक कदम उठाया। दीपा की आत्महत्या से उनकी सहेलियां और कॉलेज प्रशासन भी सदमे में हैं।
परिवारिक पृष्ठभूमि और दुखद इतिहास
दीपा मंडावी छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा से पूर्व बीजेपी विधायक भीमा मंडावी की बेटी थीं। भीमा मंडावी की 2019 में नक्सलियों ने हत्या कर दी थी। वह लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान नक्सल हमले में मारे गए थे। इस हमले में उनके साथ 5 जवान भी शहीद हुए थे। भीमा मंडावी की मौत के बाद उनका परिवार गहरे सदमे में था।
भीमा मंडावी की पहली पत्नी के चार बच्चे थे, जिनमें दो बेटे और दो बेटियां शामिल हैं। उनकी बड़ी बेटी ने 2013 में रायपुर में आत्महत्या कर ली थी। अब उनकी दूसरी बेटी दीपा ने भी इसी तरह अपनी जान दे दी। दीपा से छोटे उनके एक भाई और एक बहन हैं।
भीमा मंडावी की दूसरी पत्नी ओजस्वी भीमा मंडावी वर्तमान में महिला आयोग की सदस्य हैं। ओजस्वी से भीमा की एक बेटी है।
दीपा की आत्महत्या के कारणों की जांच
पुलिस मामले की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में दीपा के आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। हालांकि, उनके परिजनों और दोस्तों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि क्या दीपा किसी मानसिक तनाव या किसी अन्य समस्या से जूझ रही थीं।
पूर्व विधायक भीमा मंडावी की हत्या की पृष्ठभूमि
भीमा मंडावी की 9 अप्रैल 2019 को नक्सलियों ने हत्या कर दी थी। वह लोकसभा चुनाव प्रचार के लिए दंतेवाड़ा के कुआंकोंडा इलाके में गए थे। उनकी गाड़ी पर आईईडी विस्फोट कर नक्सलियों ने हमला किया, जिसमें उनकी मौत हो गई। इस हमले ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था।
परिवार पर लगातार दुखों का पहाड़
भीमा मंडावी के परिवार ने लगातार व्यक्तिगत और पारिवारिक त्रासदियों का सामना किया है। 2013 में उनकी बड़ी बेटी की आत्महत्या और 2019 में उनकी हत्या के बाद अब दीपा की आत्महत्या ने परिवार को फिर से गहरे शोक में डाल दिया है। ओजस्वी भीमा मंडावी, जो महिला आयोग की सदस्य हैं, अब अपनी बेटी की मौत के कारण बेहद व्यथित हैं।
संदेश और सवाल
दीपा मंडावी की आत्महत्या समाज के लिए कई सवाल खड़े करती है। मानसिक स्वास्थ्य और युवा छात्रों पर बढ़ते तनाव को समझने और समाधान निकालने की आवश्यकता है। इस घटना ने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि पारिवारिक दुख और मानसिक तनाव कितने गंभीर परिणाम ला सकते हैं।
पुलिस और प्रशासन की ओर से मामले की जांच जारी है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या इस दुखद घटना से कोई नई सीख लेकर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।
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