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देहरादून: स्मार्ट मीटर से जुड़ी चिंताओं के बीच जागरूकता अभियान तेज, उपभोक्ताओं को मिलेंगी राहत

स्मार्ट मीटर से बिजली बिल में वृद्धि की भ्रांतियां

एडिटर,भारत न्यूज़ लाइव

देहरादून: उत्तराखंड में स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं के बीच असमंजस की स्थिति है। कई लोगों का मानना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली का बिल बढ़ जाएगा, लेकिन यह धारणा गलत है। स्मार्ट मीटर न केवल सटीक बिजली बिल की जानकारी देगा, बल्कि उपभोक्ताओं को बिजली के उपयोग पर भी नियंत्रण देगा। स्मार्ट मीटर के साथ उपभोक्ता अब मोबाइल डेटा की तरह बिजली के लिए भी रिचार्ज कर सकेंगे, जिससे उन्हें विभिन्न प्रकार की राहत मिलेगी।

ऊर्जा विभाग का स्मार्ट मीटर अभियान: अधिकारियों से हुई शुरुआत
ऊर्जा विभाग ने स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। आम उपभोक्ताओं को प्रोत्साहित करने के लिए इसकी शुरुआत विभाग के अधिकारियों के घरों से की गई है। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सहित अन्य अधिकारियों के घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और अन्य मंत्रियों के आवासों पर भी स्मार्ट मीटर लगाने की योजना है। सरकारी विभागों में भी इसे लागू करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि आम लोग इसे अपनाने के लिए प्रेरित हो सकें।

16 लाख घरों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर की योजना
उत्तराखंड में लगभग 16 लाख घरों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जाने का लक्ष्य है। उपभोक्ता न्यूनतम ₹100 का रिचार्ज करके इस मीटर का उपयोग कर सकेंगे। इस नई प्रीपेड व्यवस्था से गलत मीटर रीडिंग और बिजली बिल की समस्याओं का समाधान होगा। साथ ही, इससे बिजली चोरी पर भी रोक लगेगी, जो एक बड़ी समस्या है।

मोबाइल के माध्यम से मिलेगी सटीक जानकारी
स्मार्ट मीटर के माध्यम से उपभोक्ताओं को उनके बिजली उपयोग की पल-पल की जानकारी मोबाइल के जरिए मिलती रहेगी। इस सूचना के आधार पर उपभोक्ता अपने बिजली के खर्च को नियंत्रित कर सकेंगे।

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