टिहरी गढ़वाल में दो दिवसीय दिव्यांग शिविर सम्पन्न, जिलाधिकारी ने किया उपकरण वितरण l

विक्रम सिंह कठैत ( एडिटर) ,भारत न्यूज़ लाइव
उत्तराखंड l प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के तहत जिला प्रशासन टिहरी गढ़वाल, समाज कल्याण विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में प्रताप इंटर कॉलेज, बौराड़ी (नई टिहरी) में दो दिवसीय विशाल दिव्यांग शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य जिले के विभिन्न विकासखंडों में निवास कर रहे दिव्यांगजनों को एक ही स्थान पर चिकित्सा परीक्षण, प्रमाणपत्र, सहायक उपकरण और आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराना था, ताकि उन्हें बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें और सरकारी सुविधाएँ सुगमता से प्राप्त हो सकें।
द्वितीय दिवस के शुभ अवसर पर जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल, श्रीमती नितिका खंडेलवाल ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। उन्होंने शिविर में उपस्थित दिव्यांगजनो से आत्मीय संवाद किया, उनकी समस्याएँ सुनीं और उनकी जरूरतों के अनुरूप सहायक उपकरण वितरित किए। जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार और जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों को सशक्त बनाना तथा उन्हें जीवन के हर क्षेत्र में समान अवसर प्रदान करना है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि दिव्यांगजनो के लिए योजनाओं का लाभ उन तक समयबद्ध तरीके से पहुँचाया जाए और उनकी समस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की देरी न हो।
आज शिविर में विकासखंड देवप्रयाग, कीर्तिनगर, थौलधार, चंबा एवं फकोट के दिव्यांगजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। समाज कल्याण विभाग द्वारा उनके आवागमन से लेकर शिविर स्थल पर खानपान तक की पूरी व्यवस्था निःशुल्क करवाई गई। इस पहल का उद्देश्य यह था कि आर्थिक या शारीरिक कठिनाइयों के बावजूद किसी भी दिव्यांगजन को सुविधा प्राप्त करने में परेशानी न हो।
दिनांक 28 नवंबर 2025 को आयोजित दूसरे दिवस में कुल 137 दिव्यांगजनो ने पंजीकरण कराया। इनमें से मानसिक, नेत्र, ऑर्थो (हड्डी एवं जोड़ संबंधी समस्याओं) सहित विभिन्न श्रेणियों के दिव्यांगजन शामिल रहे। विस्तृत चिकित्सा परीक्षण के बाद कुल 54 दिव्यांग प्रमाणपत्र निर्गत किए गए, जो आगे उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में सहायक होंगे।
इसके अतिरिक्त शिविर में कुल 46 सहायक उपकरण प्रदान किए गए। इनमें व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, श्रवण यंत्र (हियरिंग एड), बैसाखियां, कृत्रिम अंग और अन्य आवश्यक उपकरण शामिल थे। इन उपकरणों से दिव्यांगजनो के दैनिक जीवन में काफी सुविधा और आत्मनिर्भरता बढ़ने की उम्मीद है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी श्रेष्ठा भाकुनी ने बताया कि विभाग द्वारा समय-समय पर ऐसे जनकल्याणकारी शिविर आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि जिले के अधिक से अधिक दिव्यांगजन लाभान्वित हो सकें। उन्होंने कहा कि समाज कल्याण विभाग का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी पात्र व्यक्ति को सरकारी सुविधा पाने के लिए अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
शिविर के दौरान स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों की टीम ने सभी उपस्थित दिव्यांगजनों का विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण किया। डॉक्टरों ने उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की पहचान की और आवश्यक परामर्श दिया। जिन मरीजों को विशेष उपचार या आगे की जांच की आवश्यकता थी, उन्हें सरकारी अस्पतालों में रेफर भी किया गया। स्वास्थ्य विभाग की उपस्थिति ने यह सुनिश्चित किया कि दिव्यांगजनो को एक ही स्थान पर चिकित्सा सुविधा और मार्गदर्शन मिले।
दिव्यांग शिविर का यह आयोजन न केवल प्रशासनिक दक्षता का उदाहरण है, बल्कि यह समाज के कमजोर वर्गों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों से आए दिव्यांगजनो ने इस शिविर से मिली सुविधाओं की सराहना की और इसके आयोजन के लिए जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग का आभार व्यक्त किया।
इस प्रकार, दो दिवसीय दिव्यांग शिविर टिहरी गढ़वाल के लिए अत्यंत सफल और प्रभावकारी साबित हुआ। इस शिविर ने न केवल सैकड़ों दिव्यांगजनो को राहत प्रदान की, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल होने की दिशा में एक सकारात्मक कदम भी दिया। भविष्य में भी ऐसे प्रयास जारी रहने की उम्मीद है, जिससे दिव्यांगजन सशक्त, आत्मनिर्भर और सम्मानपूर्ण जीवन जी सकें।


