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गोपेश्वर / चमोली l चारधाम यात्रा के सफल संचालन को लेकर जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने जिला सभागार में यात्रा से जुड़े सभी हितधारकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में यात्रा की व्यवस्था और संबंधित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई और हितधारकों द्वारा दिए गए सुझावों की समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बद्रीनाथ में बिजली, पानी और सीवर की समस्याओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पेयजल संकट को दूर करने के लिए जल संस्थान ने 2 करोड़ रुपये के वर्क ऑर्डर जारी कर दिए हैं। सीवर प्रणाली के काम भी शुरू हो चुके हैं और विद्युत आपूर्ति को भी सुचारू रूप से सुनिश्चित किया गया है।
इसके अलावा जिलाधिकारी ने परियोजना कार्यों को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने पीआईयू को निर्देशित किया कि तीर्थ पुरोहित आवास के 5 ब्लॉकों का निर्माण मई तक पूरा कर लिया जाए और अन्य ब्लॉकों के कार्यों को शीघ्र शुरू किया जाए। धाम में अलकनंदा नदी की गाद हटाने के लिए भी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
पुलिस विभाग को बद्रीनाथ के लिए एक प्रभावी ट्रैफिक प्लान तैयार करने और अवैध तरीके से मंदिर दर्शन कराने वालों पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यात्रा पंजीकरण को लेकर कोई समस्या नहीं आएगी और सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चल रही हैं।
इसके अतिरिक्त, पीपलकोटी में बिजली और पानी की समस्या के संबंध में अतुल शाह और अन्य द्वारा उठाए गए मुद्दों पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को शीघ्र विजिट कर समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए। सेमल डाला मैदान में शौचालय की व्यवस्था करने और सोलर लाइट लगाने के भी आदेश दिए गए।

जल संस्थान को हेमकुंड मार्ग पर घोड़े-खच्चरों के लिए गर्म पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सिंचाई विभाग को बद्रीनाथ के गेस्ट हाउस को बेहतर तरीके से व्यवस्थित करने के लिए कहा गया। इसके अलावा, डीईओ पीआरडी को तीन स्वयंसेवक उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने सभी निर्माण कार्यों से जुड़ी संस्थाओं को हर तीसरे दिन कार्य की प्रगति के फोटो उपलब्ध कराने और अपने मजदूरों का पुलिस सत्यापन कराने के निर्देश भी दिए।

बैठक में पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, परियोजना निदेशक आनंद सिंह, एसडीएम चमोली राज कुमार पांडेय सहित अन्य संबंधित अधिकारी और हितधारक मौजूद रहे। इस बैठक को यात्रा की सुचारू और सुरक्षित संचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


